जींद। पेट्रोल-डीजल के दाम सैकड़े के नजदीक हैं। रसोई गैस की कीमतों भी लोग परेशान हैं लेकिन अब दाल-रोटी भी महंगी हो गई है। आटे का भाव चार से पांच रुपये प्रति किलो तक बढ़ गया है। मूंग की दाल भी 100 रुपये के पार हो गई है। चावल और देशी घी और मसालों की कीमतों ने भी रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। बढ़ती महंगाई से समाज का हर तबका परेशान है और सरकार से राहत की आस लगाए है।
एक सप्ताह पहले मूंग दाल 80-85 रुपये प्रति किलोग्राम थी, लेकिन अब इसके थोक के भाव भी 110 तक पहुंच गए हैं। मूंग की दाल का जहां थोक भाव 100 रुपये हो गया है वहीं रिटेल में 110 रुपये पहुंच गया है। आटे के दाम भी तेजी से बढ़ रहे हैं। 10 दिन पहले आटा 30 रुपये किलो था जो अब 35 से 36 रुपये किलो तक पहुंच गया है। पैकेट बंद ब्रांडेड आटे का 10 किलो का बैग भी 70 से 80 रुपये तक महंगा हो गया है। यह 360 से 450 रुपये बिक रहा है। बासमती चावल में 10 से 15 रुपये किलो तक की तेजी है। बासमती चावल 80 से बढ़कर 90 रुपये प्रति किलो हो गया है। देसी घी भी 20 रुपये तक महंगा हुआ है। क्षेत्र की एक कंपनी ने देसी घी के भाव में 20 रुपये की बढ़ोतरी की है। लोगों की मानें तो पिछले कुछ महीनों से गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में रिकार्ड तोड़ वृद्धि हुई है, जिससे रसोई गैस का बजट ही बिगड़ गया है। रसोई घर में इस्तेमाल होने वाला राशन, खाद्य तेल की कीमतों में आई तेजी से आम लोगों की आर्थिक स्थिति को खराब कर दिया है। तेल, दूध, ब्रेड, चाय पत्ती, चावल, दाल, आटा, मसाला, गैस, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी को महंगाई के बोझ नीचे दबा दिया है। ऐसे में लोगों की थाली की अब दाल और रोटी महंगी हो गई है। ऐसे में मध्यम वर्गीय परिवार को गुजर-बसर के लिए दाल-रोटी भी जुटा पाना बेहद मुश्किल है। इसके अलावा चावल, देसी घी, जीरा और चाय के भावों में एकाएक बढ़ोतरी हुई है। महंगाई आसमान छू रही है। शहर की जनता बढ़ती महंगाई से परेशान है। आम जनता पर बोझ कम होने का नाम नहीं ले रहा है। खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों ने घरों का बजट बिगाड़ दिया है।
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खाद्य पदार्थों की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि से लोग परेशान है। पिछले कुछ समय में आटा, जीरा, मूंग दाल समेत अन्य खाद्य पदार्थों के दामों में काफी उछाल आया है। सबसे ज्यादा परेशानी मध्यमवर्गीय और गरीबी रेखा से नीचे आने वाले परिवारों को हो रही है।
-ओमपति।
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रोजगार के अवसर कम हैं लेकिन महंगाई लगातार बढ़ रही है। ऐसे में घर का गुजारा करना भी मुश्किल हो रहा है। सरकार ने बढ़ती महंगाई को रोकना चाहिए और आम आदमी को राहत देनी चाहिए। खाद्य पदार्थों के दामों में कई गुणा बढ़ोतरी हुई है।
-दर्शना
वर्जन
पिछले कई महीनों से खाद्य पदार्थों का एक समान रेट चल रहा था, लेकिन पिछले चार-पांच दिनों से खाद्य पदार्थों के भाव बढ़ गए। आटे में चार रुपये, जीरे में 120 रुपये प्रति किलो, देसी घी में 20 रुपये और अन्य खाद्य पदार्थों के भी दाम बढ़े हैं। इसकी वजह पता नहीं चल रही।
विशाल, गर्ग करियाना स्टोर, जींद।