सभा में शराब नहीं बांटने के अनुरोध का प्रस्ताव पारित करते सरपंच व पंच।
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हरियाणा के जींद के सफीदों विधानसभा के सबसे बड़े गांव मुआना में मंगलवार को आम सभा की बैठक हुई। इसमें सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर चुनाव में उम्मीदवारों द्वारा बांटी जाने वाली शराब का विरोध किया गया। अध्यक्षता सरपंच श्यामलाल शर्मा ने की। प्रस्ताव में कहा गया कि यदि किसी उम्मीदवार ने शराब बांटी तो उसका विरोध किया जाएगा और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा। सभी उम्मीदवारों को यह पत्र भेजा गया है।
पत्र में सरपंच श्यामलाल ने उम्मीदवारों से कहा कि वह जनता से वोट प्राप्त करने के लिए उनको फल, खाना व मिठाई बांट सकते हैं। शराब पिलाना कानूनन अपराध है और यह स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। शराब के सेवन से किसी का पिता, किसी का बेटा, किसी का भाई व किसी का पति मरेगा।
इस कारण उनको बद्दुआएं लगेंगी, इसलिए वह चौधर किस काम की है, जो दूसरों से बद्दुआ ले। पत्र में उम्मीदवारों से कहा गया कि यदि उनके पास पैसा अधिक है तो वह हर गांव में गरीब परिवारों के मकान बनवाएं, स्कूल खुलवाएं ताकि गरीबों का भला हो सके। उन्हें यह भी पता है कि उम्मीदवार ऐसा करने से बाज आने वाले नहीं हैं।
अगर उनके गांव में किसी भी उम्मीदवार ने शराब बांटने की कोशिश की तो उसका विरोध किया जाएगा, चाहे वह किसी भी पार्टी का क्यों न हो। इसके अलावा वह कानूनी कार्रवाई करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने हरियाणा के सरपंचों से भी आह्वान किया है कि वह भी सभी पंचायतों में यह प्रस्ताव पास करें। सरपंच श्यामलाल शर्मा ने बताया कि ग्राम पंचायत ने बैठक करके गांव के लोगों के उज्ज्वल भविष्य व स्वास्थ्य को देखते हुए यह कदम उठाया है।
पिछले विधानसभा चुनावों में भी शराब के अधिक सेवन से कई लोगों की तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी। उन्होंने व्हाट्सएप के माध्यम से सफीदों विधानसभा के सभी उम्मीदवारों के पास यह पत्र भेजा है। चुनाव में गांव में शराब को बंटने से रोकने के लिए गांव में पहरे भी लगाए जाएंगे और हरसंभव कार्रवाई की जाएगी।