उचाना कलां के पास भौंगरा-खापड़ रोड पर रात को नाका लगाकर खड़े पुलिस कर्मी।
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लॉकडाउन के दौरान बिना किसी कारण घूमने वालों पर पुलिस प्रशासन की पैनी नजर है और ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। बेवजह घूमने वाले ऐसे 40 वाहन चालकों के अब तक चालान काटे जा चुके हैं। इनमें 20 वाहनों को जब्त भी किया गया है। शहर में आने वाले रास्तों के अलावा बाजारों में भी पुलिस की नजर है।
सोशल मीडिया पर कोई अफवाह नहीं फैलाए, इस पर भी पुलिस प्रशासन नजरें गड़ाए है। शहर में दुकानों के खुलने के लिए सुबह 7 से 11 बजे तक और शाम को 5 से लेकर रात 8 बजे तक का शेड्यूल बनाया गया है। दुकानें शेड्यूल के अनुसार खुल रही हैं कि नहीं इस पर भी पुलिस प्रशासन की नजर है। पुलिस बनभौरी रोड पर सबसे अंतिम गांव मखंड, बरवाला रोड पर दुर्जनपुर, छातर रोड पर मांडी गांव के साथ उचाना कलां के पास भौंगरा, खापड़ को जाने वाले चौकों पर नाका लगाया हुआ है। यहां से आने-जाने वालों से कारण पूछा जाता है। पुलिस को यह लगता है कि वाहन चालक जानबूझ कर बहाना बना रहा है तो उसे वापस भेज दिया जाता है। जो बार-बार समझाने के बाद नहीं मानते हैं उनके चालान किए जा रहे हैं। पुलिस की सख्ती का असर दिखाई दे रहा है। बेवजह वाहन चालक सड़क पर कम आ रहे हैं।
लॉकडाउन की लोगों को बता रहे है परिभाषा
चौकी इंचार्ज कृष्ण कुमार खर्ब ने कहा कि लॉकडाउन लोगों की सुरक्षा के लिए लगा हुआ है। इसका उद्देश्य है कि लोग घरों में रहें, ताकि कोरोना वायरस के चक्र को तोड़ा जा सके। लोगों को चाहिए कि वे बिना वजह सड़कों पर न आए। कोई जरूरी काम हो तो ही घरों से बाहर निकलें। हम सबको चाहिए कि कोरोना वायरस के चक्र को तोड़ने के लिए लॉकडाउन का पूरा पालन करें।