23जेएनडी38-बैडमिंटन हॉल में टूट कर लटकते फॉल सीलिंग। संवाद
नरवाना। कभी खिलाड़ियों के सपनों को पंख देने के लिए करोड़ों की लागत से बने नरवाना के नवदीप स्टेडियम की हालत आज दयनीय है। जिलास्तरीय स्कूली बालिकाओं की खेलकूद प्रतियोगिता के दौरान जब बैडमिंटन मुकाबले स्टेडियम के इनडोर हाल में खेले गए तो खिलाड़ियों का सामना खेल से ज्यादा बदइंतजामी से हुआ।
स्टेडियम में टूटी हुई फॉल सीलिंग, जगह-जगह झूलते टुकड़े, दीवारों और लाइटों पर मकड़ी के जाले, उमस भरा माहौल और बदबू के बीच सभी खिलाड़ियों के उत्साह को पस्त करने के लिए काफी था। खिलाड़ियों ने शिकायत की कि हॉल में वेंटीलेशन की कोई व्यवस्था नहीं है। उमस भरे वातावरण में वे पसीने से तरबतर होकर खेलते रहे।
साफ-सफाई की हालत इतनी बदतर है कि धूल-मिट्टी के बीच मुकाबले खेलने पड़े। खिलाड़ियों और अभिभावकों ने सवाल उठाया कि अगर जिलास्तरीय आयोजन में ही हालात इतने खराब हैं तो सामान्य दिनों में प्रैक्टिस करने वालों की हालत का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है।
खिलाड़ियों का कहना है कि ऐसी व्यवस्थाएं उनके मनोबल को तोड़ देती हैं। उन्होंने इसे खिलाड़ियों की प्रतिभा के साथ खिलवाड़ और खेलों के भविष्य के साथ समझौता करार दिया। अभिभावकों ने भी कहा कि अगर सुविधाओं का यही हाल रहा तो आने वाले समय में खिलाड़ी मैदान में पसीना बहाने की बजाय हताशा का शिकार हो जाएंगे।
वर्जन
स्टेडियम में साफ-सफाई और रख रखाव का काम ग्राउंडमैन की कमी के कारण प्रभावित हो रहा है। करीब एक करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से स्टेडियम का रेनोवेशन प्रस्तावित है और जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। स्टेडियम में आठ ग्राउंडमैन होने चाहिए लेकिन फिलहाल दो ही ग्राउंडमैन स्टेडियम में कार्य कर रहे हैं जिस वजह से व्यवस्था नहीं बन पा रही।
संदीप गोयत, इंचार्ज नवदीप स्टेडियम नरवाना।