12जेएनडी17: मंदिर में आयोजित भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते श्रद्धालुगण। स्रोत पुजारी
जुलाना। क्षेत्र के मालवी गांव में धार्मिक आस्था और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। योगी सतीश नाथ ने लगातार 41 दिनों तक जलधारा ली। इस कठिन तपस्या के समापन पर गांव के प्राचीन गोगा मंदिर में भव्य भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया।
योगी सतीश नाथ पिछले 41 दिनों से पूर्ण श्रद्धा और नियमपूर्वक जलधारा लेकर तपस्या कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने भगवान गोगा जी की आराधना करते हुए गांव, क्षेत्र और देश की सुख-समृद्धि व शांति की कामना की।
योगी सतीश नाथ ने कहा कि तपस्या का उद्देश्य केवल आत्मशुद्धि ही नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना भी है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों से आपसी भाईचारा बढ़ता है और लोगों में सद्भावना का भाव पैदा होता है।
प्रसाद वितरण के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। योगी सतीश नाथ ने कहा कि तपस्या का उद्देश्य केवल आत्मशुद्धि ही नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना भी है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों से आपसी भाईचारा बढ़ता है और लोगों में सद्भावना का भाव पैदा होता है।