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डॉक्टरों पर हो रहे हमलों के विरोध में आईएमए ने की हड़ताल

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मांगों को लेकर नेहरू पार्क में नारेबाजी करते चिकित्सक। संवाद - फोटो : Jind
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देशभर में चिकित्सकों पर हो रहे हमले के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने शुक्रवार को सुबह आठ से लेकर दोपहर दो बजे तक हड़ताल की। इस दौरान निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने ओपीडी बंद रखी। वहीं आपातकालीन व कोरोना मरीजों के लिए सेवाएं जारी रहीं। आईएमए के महासचिव डॉ. सुशील मंगला की अध्यक्षता में आईएमए के सदस्यों ने एसडीएम दलबीर सिंह को ज्ञापन सौंपा।
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सभी चिकित्सक अपने अस्पतालों को छोड़ नेहरू पार्क में एकत्रित हुए और मांगों को लेकर धरना दिया। डॉ. सुशील मंगला ने कहा कि चिकित्सकों पर हिंसात्मक हमले हो रहे हैं। आईएमए द्वारा लगातार मांग की जा रही है कि एक केंद्रीय कानून बनाया चाहिए, जिससे मरीज के सहायकों द्वारा चिकित्सकों पर हमला किए जाने पर तुरंत केस दर्ज होना चाहिए। सभी चिकित्सकों की सुरक्षा के मानक तय किए जाएं। चिकित्सकों पर किए गए हमलों के मामलों की जांच फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा की जाए। आईएमए के राज्य प्रतिनिधि डॉ. प्रमोद ने कहा कि कुछ प्रदेशों में में मेडिकेयर कानून लागू हैं। लेकिन इसे केंद्रीय कानून बनाकर लागू किया जाए, ताकि यह कानून आईपीसी की धारा के तहत आ सके। इससे डॉक्टर भयमुक्त होकर मरीजों का इलाज कर सकेंगे। विरोध प्रदर्शन में डॉ. मदनलाल, डॉ. सत्यवान शर्मा, डॉ. सुभाष अग्रवाल, डॉ. नीरू, डॉ. विनोद, डॉ. सतीश गुप्ता, डॉ. चमन लाल शर्मा, डॉ. अनिल गुप्ता, डॉ. सुरेश जैन, डॉ. रमेश बंसल, डॉ. कुलदीप, डॉ. कंवर सैन, डॉ. अनिल जैन, डॉ. पंकज सोनी, डॉ. वरुण जैन, डॉ. सुरेंद्र चौधरी, डॉ. मनोज सोनी, डॉ. सोनल सिंघल, डॉ. अर्चना, डॉ. केशव यादव, डॉ. जगदीप ने भी भाग लिया।

एसडीएम दलबीर सिंह को ज्ञापन सौंपते आईएमए के सदस्य। संवाद- फोटो : Jind

आईएमए द्वारा हड़ताल करने की जानाकरी देने के लिए एक निजी अस्पताल के बाहर चिपकाया गया नोटिस। संवाद- फोटो : Jind

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