30जेएनडी15: गांगोली गांव में पानी की गुणवत्ता जांचते हुए रणधीर मताना। प्रशासन
जींद। जिला सलाहकार रणधीर मताना ने कहा कि मुख्य पाइप लाइन पर अवैध तरीके से किए गए पेयजल कनेक्शन को हटाया जाएगा। जो हर घर स्वच्छ जल अभियान में बाधा बने हुए हैं। उन्होंने यह बात गांगोली गांव में ग्राम जल व सीवरेज समिति व ग्रामीणों की बैठक को संबोधित करते हुए कही।
गांव गांगोली में पिछले कुछ दिनों से पेयजल किल्लत की शिकायत को चलते जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, जल व स्वच्छता सहायक संगठन, ग्राम जल व सीवरेज समिति व ग्रामीणें की बैठक हुई। इस बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि 60-70 लोगों ने मुख्य पेयजल लाइन पर अवैध तरीके से एक-एक इंच के कनेक्शन किए हुए हैं। इसके साथ ही उन्होंने जोन की लाइन में भी कनेक्शन किए हुए हैं।
इस तरह इन घरों में दो से तीन कनेक्शन हैं। जब किसी भी जोन की सप्लाई आती है तो मुख्य पाइप लाइन पर होने के कारण इनके घरों में पानी खुला चलता रहता है। इसके कारण अन्य घरों में पानी नही पहुंच पाता है। ग्रामीणों में इसके बारे में काफी गुस्सा है कि वो लोग बार-बार कहने के बावजूद भी विभाग के नियमानुसार आधा इंच का एक-एक कनेक्शन अपने घरों में नहीं रखते।
ग्रामीणों का आरोप है कि दो जलघर, एक बूस्टर व एक ट्यूबवेल होने के बावजूद भी वह पेयजल को तरस रहे हैं। मताना ने कहा कि गांव में विभाग व ग्रामीणों की संयुक्त टीम बनाकर डोर टू डोर सर्वे किया जाएगा और जिनके घरों में मुख्य पाइपलाइन पर कनेक्शन होगा या एक से अधिक कनेक्शन होगा या आधा इंच से बड़ा कनेक्शन होगा।
उन्हें पहले नोटिस दिया जाएगा। अगर फिर भी उन्होंने अपने कनेक्शन सही नहीं किए तो विभाग उनके मुख्य पाइप लाइन से कनेक्शन काटेगा। इसके बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। खंड समन्वयक सुरेंद्र दुग्गल ने ग्रामीणें को जल संरक्षण व पेयजल संरक्षण के बारे में समझाया। उन्होंने किट से पेयजल में क्लोरिनेशन व एफटीके से पेयजल जांच के बारे में बताया। इसके बाद टीम ने घर-घर जाकर पेयजल कनेक्शन की जांच की।