07जेएनडी01 : बराह खुर्द गांव निवासी 75 वर्षीय मूर्ति देवी खुद खरीद कर नागरिक अस्पताल में एआवी ल
जींद। अगर किसी को कुत्ता, बंदर, बिल्ली या अन्य कोई जानवर ने काट लिया है और वह एंटी रेबीज का टीका लगवाने के लिए के लिए नागरिक अस्पताल आना चाहता है तो उसे टीका साथ में लाना होगा, क्योंकि अस्पताल के पास एंटी रेबीज का टीका नहीं है।
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 30 लोग वैक्सीन लगवाने के लिए आते हैं, लेकिन उनको बाजार से टीका खरीदकर लाना पड़ रहा है। इससे पहले भी नागरिक अस्पताल में कई बार वैक्सीन खत्म हो चुकी है। फिलहाल अस्पताल प्रशासन ने स्वास्थ्य निदेशालय को वैक्सीन की डिमांड भेजी है। उम्मीद है कि वह जल्द ही मिल जाएगी।
यदि किसी जानवर के काटने के 48 घंटे अंदर वैक्सीन नहीं लगे तो फिर यह काफी खतरनाक हो सकता है। खासकर कुत्ता के काटने पर ज्यादा परेशानी होती है। कोई पागल कुत्ता यदि व्यक्ति को काट ले और उसे समय पर वैक्सीन न लगे तो उसके पागल होने की शत प्रतिशत संभावना रहती है। रेबीज एक घातक बीमारी है, जो एक वायरस के कारण होती है। यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी) पर हमला करता है।
संक्रमित स्तनधारी रेबीज वायरस को मनुष्यों और अन्य स्तनधारियों तक पहुंचा सकते हैं। एक बार लक्षण प्रकट होने पर रेबीज का कोई इलाज नहीं है। इस समय बंदरों व कुत्तों की संख्या इतनी अधिक बढ़ गई है उनसे लोग परेशान हैं।
इसके साथ ही सेक्टरों में कुत्ते इतने खतरनाक हो गए हैं कि वह गाय आदि को भी मार देते हैं। इससे वह मांसाहारी हो चुके हैं। ऐसे में कुत्ते का कटना काफी खतरनाक तो सकता है।ि
07जेएनडी01 : बराह खुर्द गांव निवासी 75 वर्षीय मूर्ति देवी खुद खरीद कर नागरिक अस्पताल में एआवी ल