कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का धरना खटकड़ टोल पर जारी है। वीरवार को धरने की अध्यक्षता भारती देवी खटकड़ ने की। सांकेतिक भूख हड़ताल पर रतनी, सावित्री, माया, कांता, गुड्डी खटकड़ रहीं।
किसान नेता आजाद पालवां ने कहा कि हिसार में पुलिस द्वारा किसानों के खिलाफ जो मामले दर्ज किए हैं, उनको अगर रद्द नहीं किया तो 24 मई को हिसार आईजी कार्यालय का घेराव किसान और मजदूर करेंगे। इस घेराव में उचाना के हर गांव से किसानों का एक वाहन जाएगा। प्रशासन द्वारा किसी तरह का मामला दर्ज नहीं करने की बात कही गई थी, लेकिन इसके बाद भी किसानों पर मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की बात पर वे विश्वास करते आ रहे हैं। लेकिन प्रशासन ने किसानों के विश्वास को तोड़ा है। किसान अनुशासन से अपना आंदोलन कर रहे हैं। किसान किसी भी तरह से अस्पताल का विरोध नहीं कर रहे थे, बल्कि वे मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कार्यक्रम का विरोध कर रहे थे। यह समय सरकार को भी सोचना चाहिए कि उद्घाटन करने का नहीं है। आज सरकार की एक ही मंशा होनी चाहिए कि कैसे संक्रमित लोगों को बचाया जाए। इस मौके पर खेड़ा खाप प्रधान सतबीर पहलवान, बिजेंद्र सिंधु, कैप्टन रणधीर सिंह, लीलू बडनपुर, किताबा दनौदा, मेवा करसिंधु, धर्मबीर सुदकैन, अमरजीत, कविता, सिक्किम सफाखेड़ी, अनीता सुदकैन, शीला जुलानी, अमरजीत, पूनम थुआ, गीता व बबली खटकड़ मौजदू रहे।
युवा अनुशासन कमेटी का किया गठन
खटकड़ टोल पर चल रहे किसानों के धरने पर युवाओं की बैठक हुई। यहां पर युवाओं ने युवा अनुशासन कोर कमेटी का गठन किया। विभिन्न गांवों के 35 युवाओं को कमेटी में सदस्य बनाया गया है।
संदीप बड़ौदा को प्रधान, अनीष खटकड़ को संयोजक, मनोज दरियावाला, महीपाल खटकड़ को महासचिव, नवदीप बधाना को सचिव, जयप्रकाश को कोषाध्यक्ष, मास्टर प्रदीप पालवां को प्रवक्ता मनोनीत किया गया है। आईटी सेल की जिम्मेदारी रामनिवास खटकड़ को सौंपी गई है। उप प्रधान राजेश छात्तर को मनोनीत किया गया है।