जींद। स्वास्थ्य विभाग ने राजकीय कॉलेज में बनाए गए अस्थायी आइसोलेशन वार्ड को मंगलवार को बंद कर दिया। यहां बचे चार मरीजों को नागरिक अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। इसके बाद इस आइसोलेशन वार्ड को फिलहाल अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। यदि जरूरत पड़ी तो इसे फिर से शुरू किया जा सकता है। इस आसोलेशन वार्ड में कुर्सियां तथा बेड फिलहाल ऐसे ही रहेंगे।
17 मई को स्वास्थ्य विभाग ने राजकीय कॉलेज में अस्थायी कोरोना आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया था। इसके बाद इसमें 24 उन मरीजों को शिफ्ट किया गया था, जो इमरजेंसी वार्ड के बाहर अपनी खुद की चारपाई पर इलाज ले रहे थे। दो दिन में ही इस आइसोलेशन वार्ड में मरीजों की संख्या 35 तक पहुंच गई थी। इस आइसोलेशन वार्ड में ऐसे मरीजों को रखा जाता था जिनको ऑक्सीजन की तो जरूरत थी लेकिन उनकी स्थिति अधिक गंभीर नहीं थी। इनमें से जिन मरीजों की स्थिति अधिक गंभीर हो गई, उनको नागरिक अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। यहां से तीन गंभीर मरीजों को नागरिक अस्पताल में शिफ्ट किया गया। धीरे-धीरे यहां पर दाखिल मरीजों की संख्या कम रह गई, बाकी सभी ठीक हो गए। मंगलवार को इस आइसोलेशन वार्ड में बचे चार मरीजों को भी नागरिक अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद यह आइसोलेशन वार्ड खाली हो गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसको बंद कर दिया। फिलहाल इस वार्ड में बिछाए गए बेड, कुर्सियां तथा अन्य सामान यहीं पर रहेगा। यदि जरूरत हुई तो इस आइसोलेशन वार्ड को फिर से शुरू किया जा सकता है।
नागरिक अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में लगभग 50 बेड खाली हो गए हैं। राजकीय कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में चार मरीज थे, उन्हें भी अब नागरिक अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है क्योंकि जब अस्पताल ही बेड खाली हैं। चिकित्सकों को बार-बार राजकीय कॉलेज के चकर भी काटने पड़ते थे। फिलहाल कोरोना संक्रमण के मामले काफी घटे हैं। यदि जरूरत पड़ी तो राजकीय कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड को फिर से खोला जा सकता है।
-डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन
पटरी पर आने लगी व्यवस्था, नागरिक अस्पताल के कोविड वार्ड में 50 बेड हुए खाली
जींद। कोरोना संक्रमण से जूझ रहे स्वास्थ्य विभाग को अब काफी राहत मिली है। पिछले तीन-चार दिन में संक्रमण घटने से अब नागरिक अस्पताल में 50 बेड खाली हैं। इससे पहले मरीजों को देखते हुए प्रशासन ने राजकीय पीजी कॉलेज में भी कोविड सेंटर बनाया था। इसे भी अब बंद कर दिया गया है।
बता दें कि पिछले तीन-चार दिन में कोरोना संक्रमण में काफी गिरावट आई है। हालांकि अभी भी जिले में 1106 एक्टिव मरीज हैं। वहीं सोमवार को आई रिपोर्ट में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। ऐसे में प्रशासन अब राहत की सांस ले रहा है। एक समय ऐसा भी रहा, जब मरीजों को आपातकालीन वार्ड के बाहर ही बेंच पर या घर से लाई गई चारपाई पर ऑक्सीजन देकर काम चलाया जा रहा था। इसके अलावा जिले में प्रशासन द्वारा 49 ग्रामीण कोविड सेंटर बनए गए हैं। यह सभी भी फिलहाल खाली हैं। संवाद