फोटो। रेलवे जंक्शन पर खड़ी हाइड्रोजन ट्रेन। संवाद
जींद। सोनीपत रेलवे ट्रैक पर ट्रायल पूरा करने के बाद हाइड्रोजन ट्रेन को मरम्मत के लिए शकूरबस्ती भेज दिया गया है। ट्रेन ने सोनीपत रूट पर अपने निर्धारित परफॉर्मेंस ट्रायल पूरा कर लिया है। मरम्मत का काम पूरा होते ही ट्रेन को दोबारा ट्रैक पर उतारा जाएगा और सीआरएस ट्रायल की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
ट्रायल के दौरान ट्रेन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम, सुरक्षा मानकों और अन्य तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की गई। लगभग 20 दिन चले ट्रायल के दौरान सामने आई तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए ट्रेन को शकूरबस्ती वर्कशॉप भेजा गया है।
यहां विशेषज्ञों की टीम ट्रेन के इंजन, हाइड्रोजन सिस्टम और अन्य जरूरी उपकरणों की मरम्मत और फाइन-ट्यूनिंग करेगी ताकि आगे के ट्रायल में किसी प्रकार की बाधा न आए। हाइड्रोजन ट्रेन देश की पहली पर्यावरण अनुकूल ट्रेनों में से एक है जो पारंपरिक डीजल ट्रेनों की तुलना में प्रदूषण को काफी हद तक कम करेगी।
यही कारण है कि इसके हर चरण के ट्रायल को बेहद सावधानी और तकनीकी मानकों के अनुसार पूरा किया जा रहा है। अब ट्रेन का अगला और अंतिम चरण सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) ट्रायल होगा। इसमें ट्रेन की सुरक्षा, संचालन क्षमता और यात्रियों के लिए सुविधाओं का व्यापक मूल्यांकन किया जाएगा।
सीआरएस से मंजूरी मिलने के बाद ही ट्रेन को नियमित संचालन के लिए हरी झंडी दी जाएगी। सीआरएस ट्रायल के दौरान सब कुछ तय मानकों के अनुरूप रहा तो जल्द ही यात्रियों को हाइड्रोजन ट्रेन में सफर करने का मौका मिलेगा।