30जेएनडी29: बरसात के मौसम के चलते गेहूं की फसल पर छाए खतरे के बादल। संवाद
जींद। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता ने किसानों को परेशान कर दिया है। सोमवार सुबह ही बादल छा गए थे। हवा की गति भी तेज रही और उसके साथ धूल भी उड़ती रही। दोपहर बाद बूंदाबांदी हुई। ऐसे में किसानों को मेहनत पर पानी फिरने की चिंता बढ़ गई है। तेज हवा चलने से फसलों के बिछ जाने का खतरा बना हुआ है।
सोमवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में आद्रता 42 प्रतिशत और हवा की गति 16 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान बादल छाए रहने और बूंदाबांदी की संभावना है। रबी की फसलें पक कर तैयार हैं। सरसों की आवक मंडियों में शुरू हो चुकी है। गेहूं भी कटाई के लिए तैयार है। बारिश के चलते सरसों कटाई का कार्य बाधित हो गया है।
किसानों को कहना है कि बेमौसमी बारिश फसलों के लिए नुकसान दायक है। अगर बारिश होती है तो गेहूं का दाना काला हो जाएगा। हवा की गति से सरसों बिछ जाएगी और झड़ जाएगी।
मौसम वैज्ञानिक डाॅ. राजेश ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम में बदलाव आया है। बूंदाबांदी के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। मौसम को देखते हुए किसान खेती से संबंधित कार्य करें।