01जेएनडी27-रेलवे जंक्शन पर खड़ी हाईड्रोजन ट्रेन। फाइल फोटो
जींद। हाइड्रोजन प्लांट में लगा इलेक्ट्रोफायर दाेबारा खराब होने से गैस उत्पादन प्रभावित हो गया है। इसका सीधा असर ट्रेन के ट्रायल शेड्यूल पर पड़ा है और निर्धारित समय पर परीक्षण नहीं हो सका।
इलेक्ट्रोफायर हाइड्रोजन गैस तैयार करने की प्रक्रिया का अहम हिस्सा होता है। इसके खराब होने से प्लांट में गैस बननी पूरी तरह से रुक गई जिससे ट्रेन के संचालन और ट्रायल को फिलहाल टालना पड़ा। तकनीकी टीम की ओर से खराबी को ठीक करने का काम शुरू कर दिया गया है लेकिन इसमें कुछ समय लग सकता है।
वहीं, हाइड्रोजन ट्रेन फिलहाल दिल्ली में है जहां ट्रेन की मरम्मत की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार जैसे ही सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) का दौरा फाइनल होगा उसके बाद ट्रेन को वापस जींद लाया जाएगा और आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सीआरएस की मंजूरी के बाद ही ट्रेन के नियमित संचालन का रास्ता साफ होगा। हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना को लेकर सभी आवश्यक मानकों का पालन किया जा रहा है। तकनीकी खामियों को दूर कर ट्रायल को सफल बनाने के प्रयास जारी हैं। हालांकि बार-बार आ रही समस्याओं के कारण परियोजना में देरी जरूर हो रही है लेकिन विभाग इसे जल्द पूरा करने का दावा कर रहा है।
इलेक्ट्रोफायर खराब होने के कारण फिर पुणे से एक टैंकर गैस आई है। मार्च महीने के दूसरे और तीसरे सप्ताह में हाइड्रोजन ट्रेन की पांच बार परफार्मेंस ट्रायल हुई थी। इस दौरान इलेक्ट्रोफायर को ठीक करने के लिए जर्मनी से सामान मंगवाया गया था। 27 मार्च को ट्रेन का पांचवां परफार्मेंस ट्रायल हुआ था।