जींद। फसल खरीद की प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू होनी थी लेकिन जिले की 39 मंडियों में पहले दिन कहीं भी गेहूं की फसल नहीं पहुंची। खराब मौसम के चलते जिले में अभी तक गेहूं की कटाई शुरू नहीं हो पई। एक से दो दिन में मौसम साफ होते ही कटाई शुरू हो जाएगी।
सरकार ने मंडियों में एक अप्रैल से गेहूं खरीद के एजेंसियों को निर्देश दिए थे। डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने बुधवार को मंडी का दौरा किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग खरीद प्रक्रिया शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त करें। निर्देश दिए कि मंडियों में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था रहे। नालों की समय पर सफाई करवाई जाए ताकि किसी प्रकार की जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक अनाज मंडी और खरीद केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे सुचारु रूप से कार्यरत होने चाहिए ताकि खरीद प्रक्रिया की निगरानी पारदर्शी तरीके से की जा सके। इसके अतिरिक्त गेट पास प्रणाली और बायोमेट्रिक व्यवस्था को भी प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों के लिए बैठने, ठहरने और पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मंडी गेट पर स्थापित बायोमेट्रिक प्रणाली की जांच की और मौके पर मौजूद आढ़तियों एवं किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं और खरीद प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। यदि किसी स्तर पर कोई कमी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि रबी फसल खरीद प्रक्रिया को सफलतापूर्वक एवं सुचारू रूप से संपन्न किया जा सके। इस दौरान डीएफएससी राजेश कुमार आर्य, मार्केट कमेटी के सचिव और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
जिले में पांच लाख एकड़ बिजाई की गई
जिले में गेहूं की लगभग साढ़े पांच लाख एकड़ बिजाई की गई है। पिछले वर्ष जिले में आठ अप्रैल के आसपास गेहूं की खरीद शुरू की गई थी। इस बार उम्मीद है कि इससे पहले ही जिले की मंडियों में आवक होने पर गेहूं की खरीद शुरू की जाएगी।