एचटेट लेवल तीन के पेपर लीक मामले के आरोपी नगर परिषद गोहाना के सचिव व आब्जर्वर पवित्र गुलिया की अग्रिम जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दिया। जबकि पेपर लीक मामले में जेल में बंद दिल्ली निवासी रवि द्वारा रेगुलर जमानत के लिए लगाई गई याचिका भी खारिज कर दी गई।
आरोपी आब्जर्वर पवित्र गुलिया के अधिवक्ता ने दो दिन पहले अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी और उस पर बुधवार सुनवाई हुई।
अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष दलील दी कि पवित्र गुलिया को पुलिस बेवजह ही फंसा रही है और पेपर लीक मामले से उनका कोई लेना देना नहीं है।
इस पर एसआईटी प्रमुख एएसआई वसीम अकरम और सरकारी अधिवक्ता ने पवित्र गुलिया को मामले से अहम कड़ी बताते हुए कहा कि वह मामले की जांच को प्रभावित कर सकता है।
पूरे मामले से पर्दा उठाने के लिए पवित्र गुलिया की गिरफ्तारी जरूरी है। इसलिए उनकी अग्रिम जमानत को खारिज किया जाए। अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद उसकी जमानत खारिज कर दिया।
रवि की रेगुलर जमानत को भी किया खारिज
एचटेट पेपर को व्हाट्सअप पर नरवाना निवासी रघुबीर के मोबाइल पर आंसर-की भेजने के आरोप में जेल में बंद चांदपुर दिल्ली निवासी रवि ने रेगुलर जमानत के लिए अदालत में याचिका दायर की।
रवि के अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष दलील दी कि इस मामले के अहम आरोपी पकड़े जा चुके हैं और रवि को बेवजह ही फंसाया गया। पुलिस ने अदालत को बताया कि रवि मामले की जांच को प्रभावित कर सकता है। इस पर अदालत ने उसकी रेगुलर जमानत की याचिका को खारिज कर दिया।
एएसपी वसीम अकरम ने बताया कि अदालत ने पवित्र गुलिया की अग्रिम जमानत को खारिज कर दिया है। मामले से जुड़े आरोपियों की लोकेशन को पता करने के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।