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Jind News: कैसे सुधरे प्रदूषण स्तर, ग्रैप के नियमों से प्रशासन अनजान

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21जेएनडी17: सफीदों रोड पर ट्रक से प्लाट में मिट्टी का डालते हुए। संवाद
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जींद। जिले में खतरनाक स्तर पर चल रहे वायु प्रदूषण के सुधार के लिए ग्रैप-4 लागू किया है। इसके विपरित लोगों को जानकारी नहीं होने या फिर प्रशासन की ढीली कार्रवाई के कारण निर्माण कार्य लगातार चल रहे हैं। शहर में कहीं मकानों का निर्माण तो कहीं काॅलोनियां काटी जा रही हैं। इसके अलावा सफीदों रोड पर सबसे अधिक निर्माण कार्य चले हुए हैं। इनकी तरफ नगर परिषद से लेकर जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है। इसके चलते वीरवार को जिले में एक्यूआई का स्तर 370 रहा, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक है।
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शहर के सफीदों रोड पर मिट्टी से भरे ट्रक सरेआम चल रहे हैं। कहीं, प्लाॅट में मिट्टी डाली जा रही है तो कहीं शोरूम का निर्माण हो रहा है। इसके अलावा दुकान व मकानों का निर्माण हर गली में चला हुआ है। इनकी तरफ ग्रैप चार के नियमों की पालना करवाने वाले अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है। जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दिनभर में दो से चार स्थानों पर जाकर कार्रवाई तो करता है, लेकिन बड़े स्तर पर होने वाले कार्यों को नहीं रुकवा पा रहा। इस कार्रवाई के चलते नगर परिषद ने वीरवार को 35 स्थानों पर जाकर मकानों के निर्माण को रुकवाया। अगर इसके बाद भी यह मकान मालिक निर्माण नहीं रोकते या दोबारा शुरू करते हैं तो इन पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। बढ़ता प्रदूषण मनुष्य के लिए खतरनाक बना है। सफीदों रोड पर 500 वर्ग फीट से ज्यादा क्षेत्रफल पर भी काम चल रहा है, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम का इनकी तरफ कोई ध्यान नहीं है।

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यह हो रहा प्रभाव

प्रदूषण के बढ़ते स्तर से लोगों को सांस लेना मुश्किल हो गया है और आंखों में जलन हो रही है। सबसे ज्यादा असर बच्चे और बूढ़ों के स्वास्थ्य पर ज्यादा पड़ रहा है। एक्यूआई सुधारने के लिए केंद्र सरकार ने दिल्ली एनसीआर में ग्रैप-4 लागू कर दिया है। इससे कुछ चीजों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग गया है। कुछ को शर्तों के साथ मंजूरी दी गई है। इसमें जरूरी सामान ले जाने वाले और जरूरी सेवाओं वाले ट्रकों को राहत दी गई है।
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यह हैं नियम

ग्रैप-4 के नियमानुसार जिला प्रशासन अन्य आपातकालीन उपायों पर भी गौर सकता है। इसमें ऑड-इवन आधार पर गाड़ियों का रोड पर चलने की अनुमति देने के अलावा गैर आपातकालीन कमर्शियल गतिविधियों को बंद करना शामिल है। जिले में किसी भी प्रकार के फ्लाईओवर, पुल, हाईवे, पावर ट्रांसमिशन या पाइपलाइन निर्माण कार्य बंद रहेंगे।

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जिले में प्रदूषण बढ़ने के यह हैं कारण

लगातार बढ़ रहे प्रदूषण का कारण जिले में छोटी-छोटी उद्योग ईकाईयों से निकलने वाला जहरीला धुआं, धान की पराली, सड़कों पर उड़ने वाली धूल है। इसके अलावा प्रदूषण स्तर बढ़ाने में टायर जलाने वाली फैक्ट्रियां सबसे अधिक हैं। इसके अलावा लगातार धान के अवशेष जलाने से भी इसका स्तर कम नहीं हो रहा।

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35 स्थानों पर करवाया निर्माण बंद

ग्रैप चार में नगर परिषद 500 वर्ग फीट से कम क्षेत्रफल में चल रहे निर्माण कार्य रुकवा रही हैं। इसके तहत वीरवार को 35 स्थानों पर निर्माण बंद करवाए। इसके लिए पांच टीमें फील्ड में उतारी हुई हैं, जो निर्माण स्थल पर जाकर लोगों को जागरूक भी कर रही है। इसके बावजूद भी जो नियमों की उल्लघंना करेगा। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

-गुलजार मलिक, नगरायुक्त, जींद

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टीम ने पांच स्थानों पर की जांच, नहीं मिला उल्लंघन
ग्रैप-4 के नियमों की पालना करवाने के लिए टीम ने पांच स्थानों पर जाकर जांच की, लेकिन कहीं पर नियमों की उल्लंघना नहीं मिली। टीम लगातार काम कर रही है। अगर सफीदों रोड पर निर्माण चल रहा है तो इसकी जांच करवाई जाएगी।

अश्विनी, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।

21जेएनडी17: सफीदों रोड पर ट्रक से प्लाट में मिट्टी का डालते हुए। संवाद

21जेएनडी17: सफीदों रोड पर ट्रक से प्लाट में मिट्टी का डालते हुए। संवाद

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