जुलाना (जींद)। जुलाना निवासी और रोहतक साइबर सेल में तैनात एएसआई संदीप कुमार ने मंगलवार को आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार ने साफ कहा कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती और सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक संदीप का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
रविवार को ही दिवाली की तैयारी के लिए संदीप अपने वार्ड 4 स्थित पुश्तैनी घर जुलाना आया था। मंगलवार को उसकी मौत की खबर से परिवार और पूरे इलाके में शोक छा गया। चाचा के बेटे शीशपाल आर्य ने कहा कि वे बुधवार को सभी रिश्तेदारों के साथ आगे की रणनीति तय करेंगे।
उन्होंने बताया कि संदीप का परिवार लंबे समय से सेवा और त्याग की परंपरा से जुड़ा रहा है। पिता दयानंद पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर रहे और लगभग 20 वर्ष पहले रेल हादसे में उनकी मृत्यु हो गई थी। दादा भरत सिंह भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके थे, जिनसे प्रेरणा लेकर संदीप ने पुलिस सेवा को चुना। 2007 में पुलिस विभाग जॉइन किया था।
पांच साल पहले परिवार सहित हुआ था रोहतक शिफ्ट
संदीप के परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी प्रतिभा नीट की तैयारी कर रही है। छोटी बेटी नौवीं कक्षा में जबकि बेटा चौथी कक्षा में पढ़ता है। करीब पांच वर्ष पहले संदीप परिवार सहित रोहतक शिफ्ट हो गया था जहां वह साइबर सेल में तैनात था। संदीप जुलाना युवा क्लब के प्रधान रह चुके थे और रक्तदान शिविरों व पौधरोपण अभियानों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। उनके साथी उन्हें मिलनसार, मददगार और समाजसेवी पुलिसकर्मी के रूप में याद कर रहे हैं।