04जेएनडी05: ग्रामीणों को टीबी बीमारी से संबधित पंपलेट देते हुए स्वास्थ्य कर्मी।
- फोटो : घर बाहर जुटी ग्रामीणों की भीड़।
जींद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दरियावाला के तहत जाजवान गांव में एमपीएचडब्ल्यू सुशील शर्मा और सुनीता कुमारी ने जागरूकता अभियान चलाया गया। इसके तहत ग्रामीणों को टीबी से बचाव बारे जागरूक किया गया। इसके साथ-साथ मच्छरजनित बीमारियों से बचाव बारे व स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही सेवाओं बारे ग्रामीणों को जानकारी दी गई। ग्रामीणों में टीबी की जानकारी से संबंधित पंपलेट भी बांटे गए।
सुशील शर्मा ने कहा कि यह बीमारी किसी भी आयु वर्ग को हो सकती है। यह एक संक्रामक रोग है, जो कीटाणु माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस से फैलता है। कीटाणु मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है। इसके कारण फेफड़ों की टीबी होती है। कभी-कभी यह शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित करता है। टीबी के संभावित मरीजों में मुख्य तौर पर दो सप्ताह से ज्यादा लगातार खांसी रहना, शाम के समय बुखार रहना, छाती में दर्द रहना, भूख न लगना, बलगम में खून आना, लगातार वजन कम होना होता है।
अगर इस तरह के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत अपने बलगम की जांच करवानी चाहिए। सुनीता कुमारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच व इलाज बिल्कुल मुफ्त दिया जाता है। उन्होंने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा कि टीबी के मरीज को इलाज की पूरी अवधि के दौरान पोष्टिक आहार भत्ता भी दिया जाता है।