शहर के शिव कॉलोनी में रहने वाले एक परिवार को डेंगू होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने इस परिवार के चार लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। इसी परिवार के एक युवक धर्मेंद्र को डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। जिले में अभी तक पांच केस डेंगू के पॉजिटिव आए हैं।
शिव कॉलोनी निवासी मनीषानंद के अनुसार करीब दस दिन पहले उसके परिवार के सदस्यों को बुखार की शिकायत हुई। पहले तो घर पर ही दवाई लेते रहे, फिर भी ठीक नहीं होने पर सामान्य अस्पताल में जांच कराई। मनीषानंद के अनुसार यहां चिकित्सकों ने उनके रक्त के सैंपल ले लिए और तीन चार दिन बाद आने को कहा। डर वश उन्होंने सफीदों रोड स्थित एक निजी नर्सिंग होम में इलाज शुरू कराया। मनीषानंद के परिवार से उनके भतीजे देवीदयाल, विनोद, धर्मेंद्र शर्मा, अशोक शर्मा, राजरानी बीमार हैं। इनका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। हालांकि मनीषानंद को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है, लेकिन अन्य लोग अभी अस्पताल में ही भर्ती हैं।
धर्मेद्र को डेंगू की पुष्टि
सामान्य अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. आरएस तंवर के अनुसार मनीषानंद के परिवार के चार लोगों के सैंपल लिए गए हैं। इनमें से धर्मेंद्र को डेंगू की पुष्टि हुई है। तीन लोगों की रिपोर्ट अभी आई नहीं है। देवीदयाल के सैंपल बृहस्पतिवार को लिए गए हैं, लेकिन उनको डेंगू के लक्षण नहीं लग रहे हैं।
मच्छर से बचें, डेंगू से बचें
डेंगू से बचने का सबसे आसान तरीका है मच्छर से बचना। इसके लिए अपने आसपास पानी एकत्रित नहीं होने दें। पानी की बाल्टी व मटके को खुला नहीं छोड़ें। मच्छर रोधी क्रीम व अन्य दवा प्रयोग करें। पूरी बाजू के कपड़े पहने और मच्छरदानी का प्रयोग करें। कूलर के पानी को दूसरे व तीसरे दिन बदलें। कूलर के पानी में ही सबसे खतरनाक मच्छर होता है।
डॉ. आरएस तंवर, नोडल अधिकारी।
महिला की मौत पर सवाल
स्वयं को डेंगू पीड़ित बताने वाले मनीषानंद का कहना है कि उनकी 62 वर्षीय पत्नी कृष्णा की मौत करीब दस दिन पहले डेंगू से ही हुई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इससे मना कर रहा है। नोडल अधिकारी डॉ. आरएस तंवर के अनुसार महिला की मौत हृदय गति रुकने से हुई है।
हां डेंगू से पीड़ित हैं मरीज
निजी अस्पताल के संचालक डॉ. सतीश शर्मा के अनुसार मनीषानंद के परिवार के जो लोग उनके अस्पताल में भर्ती हैं, वे डेंगू से पीड़ित हैं और उनका इलाज चल रहा है।