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बच्चों को परोसा जा रहा खराब मिड-डे मील

Wed, 09 Sep 2015 12:12 AM IST
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो
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जो राशन पशुओं के खाने के लायक भी नहीं है, उस राशन को जुलाना के कन्या प्राथमिक स्कूल में बच्चों को परोसा जा रहा है। बच्चों के स्वास्थ्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोकने के लिए सीटू कार्यकर्ता स्कूल पहुंचे, तो स्कूल की अध्यापिका उन पर भड़क गई।

कन्या प्राथमिक पाठशाला जुलाना में विद्यार्थियों को मिड-डे मील में खराब हुए राशन से बना खाना परोसा जा रहा है। खराब खाना परोसे जाने की सूचना पाकर जब सीटू के प्रधान सुभाष पांचाल व अन्य ग्रामीण स्कूल पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि जिस राशन से खाना बनाया गया है, वह राशन किसी भी लिहाज से बच्चों के खाने के लायक नहीं है। गेहूं का रंग काला पड़ा है और यह बदबू भी मार रहा है। इस दौरान ग्रामीणों द्वारा मिड-डे मील का खाना जांचने पर स्कूल की अध्यापिका भड़क गईं और ग्रामीणों को स्कूल से बाहर जाने के लिए कहा।
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 ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में बच्चों को खराब मिड-डे मील तो दिया जा ही रहा है। जिन बर्तनों में बच्चे मिड-डे मील खाते हैं, वे बर्तन बच्चों से ही साफ कराए जा रहे हैं। स्कूल में बच्चों को पढ़ाई करने के लिए अभिभावक भेजते हैं, लेकिन स्कूल प्रशासन ने कलम की जगह उनके हाथों में झूठे बर्तन थमा दिए। सूचना पाकर मीडिया कर्मी स्कूल में पहुंचे, तो खाना-खाने के बाद बच्चे बर्तन धोते नजर आए। खराब खाना परोसने व बर्तन की बात कहने पर स्कूल की अध्यापिका भड़क गई।
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खराब आया है गेहूं
मिड-डे मील में अब की बार जो गेहूं आया है, वह खराब है। गेहूं के बदलने की लिखित शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी व गेहूं सप्लायर से की गई है। शिकायत करने के बाद भी गेहूं बदला नहीं गया है।
राजेंद्र, हेडमास्टर
कन्या प्राथमिक स्कूल जुलाना।

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