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सिल्लाखेड़ी गांव में स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया सर्वे, पहले दिन पांच सैंपल लिए

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बुखार पीड़ितों के बारे में जानकारी इकट्ठी करती स्वास्थ्य कर्मचारी। - फोटो : Jind
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सफीदों (जींद)। अमर उजाला द्वारा रविवार के अंक में सिल्लाखेड़ी गांव में बुखार से दो लोगों की मौत का समाचार प्रकाशित करने के बाद बाद सोमवार को प्रशासन हरकत में आया। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची।
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टीम ने गांव में सर्वे अभियान शुरू किया। पांच लोगों के सैंपल लिए गए और पहले दिन 50 घरों का सर्वे कर सभी सदस्यों से संबंधित डाटा एकत्रित किया। टीम को घरों में रखी पानी की टंकियों में डेंगू व मलेरिया का लारवा मिला है। डॉ. तुषार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम सबसे पहले मृतक रामदिया के घर पहुंची। यहां उसकी पौत्री का सैंपल लिया। इसके अलावा इस परिवार की रीना, फूलपति, शीला के मलेरिया के लिए सैंपल लिए। टीम ने बुखार से पीड़ित लोगों के घर में रखी पानी की टंकी के साथ फ्रिज, कूलर व टायर व ऐसी जगह जहां पानी खड़ा होता है, उनकी जांच की।
ग्राम पंचायत ने की शुरू की कार्रवाई
गांव में बुखार के काफी मरीज होने के बाद सोमवार को ग्राम पंचायत भी एक्शन मोड में नजर आई। पंचायत ने गांव के गंदे पानी के तालाब से पानी निकासी के लिए मोटर लगाई। इसके अलावा गांव में मुनादी करवाकर अपने-अपने घरों में रखी पानी की टंकियों, फ्रिज, कूलर की सफाई करने की अपील की। ग्राम पंचायत ने स्वास्थ्य विभाग से पेयजल सप्लाई की भी जांच करवाने को कहा।
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बुखार से प्लेटलेट्स हो रही कम
गांव के रामदिया को मौत से पहले 29-30 अक्तूबर को बुखार आया था। उसने पहले सफीदों के एक निजी अस्पताल में अपना इलाज लिया। इसके बाद उसकी प्लेटलेट्स 31 हजार पर आ गईं। तीन नवंबर को तेज बुखार आने के बाद रामदिया को दस्त लग गए थे और छह नवंबर को उसकी मौत हो गई। इसी प्रकार चार नवंबर को 68 वर्षीय बाला देवी के साथ भी ऐसा ही हुआ था। उसकी भी इसी प्रकार से प्लेटलेट्स कम होने के बाद बुखार आने से मौत हो गई थी। अधिकतर ग्रामीणों की प्लेटलेट्स की कम हो रही हैं।
हो सकता है डेंगू
अभी स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल लिए हैं, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। प्राथमिक लक्षण के आधार पर ऐसा लग रहा है कि डेंगू हो सकता है। फिर भी रिपोर्ट आने से पहले कुछ भी नहीं कहा जा सकता। गांव में बुखार के मरीजों की स्थिति गंभीर है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग नजर बनाए हुए है।
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-डॉ. तुषार, नागरिक अस्पताल, सफीदों।
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