लोगों को टीबी की समय पर जांच करवाने की शपथ दिलाते स्वास्थ्य कर्मचारी। संवाद
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देश को 2025 तक टीबी से मुक्ति दिलाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की जागरूकता टीम गांव-गांव व शहर की कॉलोनियों में जाकर लोगों को टीबी के प्रति जागरूक कर रही है। संदिग्ध लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं। पिछले सप्ताह स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्लम बस्तियों से 400 लोगों के सैंपल लिए गए थे, इनमें 15 में टीबी की पुष्टि हुई है। अब तक जिले में इस वर्ष 1140 टीबी के मरीज मिल चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें खासकर स्लम बस्तियों में जा जा रही हैं। यहां के लोग जांच करवाने में आनाकानी करते हैं और अस्पताल नहीं आते हैं। इसलिए इन लोगों को उनके घर पर ही इलाज मुहैया करवाने तथा इनको जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें काम कर रही हैं। 27 जुलाई तक इन टीमों ने विभिन्न स्लम बस्तियों से 400 लोगों के सैंपल लिए हैं। जिनमें से 15 लोगों को टीबी का मरीज पाया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें 12 जुलाई से लोगों को जागरूक करने का कार्य भी कर रही हैं। स्वास्थ्य कर्मचारी घर-घर जाकर टीबी के लिए सर्वे किया जा रहा है। सर्वे के दौरान दो हफ्ते से ज्यादा खांसी, बलगम में खून आना, वजन का कम होना, शाम के समय हलका बुखार होना, छाती में दर्द रहना, भूख कम लगना जैसे लक्षणों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
देश को टीबी से मुक्त करने के लिए 2025 तक का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को टीबी के बारे में जागरूक कर रही हैं। इसके अलावा लोगों को अपने आसपास तथा समय पर इलाज लेने के लिए शपथ भी दिलाई जा रही है। जिले में अब तक 1140 टीबी के मरीज मिल चुके हैं। जो लोग अस्पतालों तक नहीं पहुंच रहे उनकी तरफ स्वास्थ्य विभाग का ज्यादा फोकस है।
डॉ. संदीप लोहन, डिप्टी सिविल सर्जन टीबी।