जींद। जिला में लगातार आ रहे डेंगू के मामलों को देखते हुए शहर की बाहरी कॉलोनियों के साथ पॉश कॉलोनियों पर भी स्वास्थ्य विभाग की नजर है। विभाग डेंगू को रोकने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने का काम कर रही है।
विभाग को अबतक जिला में 18 डेंगू संक्रमित केस मिल चुके हैं। इनमें जींद शहर में आठ तो ग्रामीण क्षेत्र में 10 केस मिले हैं। इस पर स्वास्थ्य कर्मचारियों की ओर से सिविल सर्जन डाॅ. सुमन कोहली के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा के नेतृत्व में लगातार अभियान चलाया जा रहा है और मच्छर जनित रोगों के साथ दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बचाव की जानकारी दी जा रही है।
डेंगू से बचने के उपाय
स्वास्थ्य कर्मचारियों ने पीने के पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए लेबोरेटरी भिजवाए जा रहे हैं। स्वास्थ्यकर्मियों ने घर-घर जाकर लोगों को बताया कि प्रत्येक व्यक्ति यदि थोड़ी सी सावधानी करके अपने घर व आसपास की सफाई करते हुए गड्ढों, खाली पड़े टायरों व गमलों आदि में गंदा पानी खड़ा न होने दे, पानी के बर्तनों को ढक कर रखें, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें, सप्ताह में एक बार कूलर, फूलदान, पशु व पक्षियों के पानी के बर्तनों व हौदी को सूखा कर ही भरे तो डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया के अलावा डायरिया, हैजा व पीलिया जैसी भयानक बीमारी से लोगों को बचाया जा सकता है।
सामान्य डेंगू के लक्षण
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. बिजेंद्र ढांडा ने कहा कि यदि सर्दी व कंपन के साथ तेज बुखार, उल्टियां लगने, गर्मी लगने, बुखार एक दिन छोड़कर दूसरे दिन आने, उल्टी दस्त होने, शरीर में कमजोरी आने पर मरीज को तुरंत स्वास्थ्य केंद्र जाकर खून की जांच करवाएं।
वर्जन
विभाग को अबतक 18 डेंगू पॉजिटिव मिल चुके हैं। डेंगू की रोकथाम के लिए विभागीय स्तर पर हर संभव प्रयास किया जा रहा है। शहरी क्षेत्र की कालोनियों, आसपास और ग्रामीण क्षेत्र में सर्वे, एंटी लार्वा स्प्रे और फॉगिंग तक करवाई जा रही है। डेंगू मरीजों के घर और आसपास संदिग्धों की डेंगू जांच भी की जा रही है। -डॉ. बिजेंद्र ढांडा, जिला मलेरिया अधिकारी जींद।