20जेएनडी35: महर्षि दयानंद सरस्वती प्रवासी पक्षी संरक्षण स्थल पर पहुंच निरीक्षण करती एचबीईआरएफ क
नरवाना। कालवन गांव में स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती प्रवासी पक्षी संरक्षण स्थल के शोध कार्य के लिए सोमवार को बठिंडा पंजाब से एचबीईआरएफ की टीम ने पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान संस्था के चेयरमैन प्रख्यात पक्षी विज्ञानी एवं पर्यावरणविद डॉ. विजय विश्वास अपनी टीम में डाॅ. तरुणा विश्वास (वनस्पति विज्ञानी एवं पर्यावरणविद), अपने शोधार्थी जसविंदर कौर के साथ गांव में पहुंचे। टीम के कालवन गांव में पहुंचने पर सरपंच प्रतिनिधि बहादुर सिंह, निवर्तमान सरपंच भरथराज ने स्वागत किया।
डाॅ. विजय विश्वास ने बताया कि एचबीईआरएफ संस्था का मुख्य कार्य क्षेत्र-वन्य जीव शोध, संरक्षण एवं जानकारी प्रसारित करना है। इस दौरान टीम ने विभिन्न क्षेत्रों, देश-विदेशों से आए पक्षियों का वैज्ञानिक आधार पर गणना, फोटो एवं वीडियोग्राफी की। इससे प्रत्येक प्रजाति के पक्षियों का डाटा संकलन किया गया, डाटा संकलन में कुल 26 प्रजाति के 560 पक्षी रिकॉर्ड किए गए है। जो यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम है। उन्होंने बताया कि इस तरह संख्या के कम होने का मुख्य कारण जलवायु परिवर्तन एवं आवास स्थलों का कम होना माना जा सकता है।
भविष्य में जलवायु परिवर्तन, घटते प्राकृतिक आवासों के संबंध में बिगडते पर्यावरण में संतुलन बनाने के लिए विभिन्न क्रियाकलापों, योजनाएं के बारे में जानकारी साझा की गई। प्रोजेक्ट संबंधित, स्कूली बच्चों में जैव -विविधता में समुचित भागीदारी, प्रोत्साहित करने के लिए विषयों पर जैसे पक्षी गणना, उनके नाम, आवास संबंधित जानकारी लेने के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाना। ताकि बच्चे एवं समाज जैव-विविधता के बारे में समझ सकें। एक पक्षी वैज्ञानिक, शोधार्थी के लिए पूरी पृथ्वी ही जैव-विविधता की एक प्रयोगशाला है। टीम ने ग्राम पंचायत कालवन की इस कार्य में तत्परता से सहयोग के लिए प्रशंसा की। इस दौरान टीम द्वारा एक अच्छे स्तर पर बर्ड सेंचुरी स्थापित करने की सरकार द्वारा संचालित कार्यक्रम में सहयोग करने का संकल्प लिया।कार्य को सफल रुप से संचालित करने में विष्णु बागड़ी का बहुत योगदान रहा। इस अवसर पर विशाल भारद्वाज आर्य कपिल, आर्य बलजीत, आर्य श्रवण, आर्य गुरमीत, आर्य सोनू, आर्य गुरदयाल, राजेंद्र, अमित, दीपक मौजूद रहे।