27जेएनडी16: सीआरएसयू में कुलपति प्रो. रामपाल सैनी कोर्ट बैठक में फैसला लेते हुए। स्रोत विवि
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय की यूनिवर्सिटी कोर्ट की बैठक में कुलपति प्रो. राम पाल सैनी ने बताया कि विश्वविद्यालय अब हिंदी के साथ-साथ हरियाणवी भाषा और क्षेत्रीय संस्कृति को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का विजन साझा किया।
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष के निर्देशानुसार आयोजित यह बैठक शुक्रवार को ब्लेंडेड मोड ऑनलाइन व ऑफलाइन में हुई।
इसमें कुलसचिव प्रो. सीमा गुप्ता ने सदस्य सचिव की भूमिका निभाई। वर्तमान नेतृत्व के कार्यकाल की यह पहली कोर्ट बैठक थी जिसमें विश्वविद्यालय के भविष्य की रूपरेखा तैयार की गई।
कुलपति ने घोषणा की कि विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की सुविधाएं देने के लिए जापान और पुर्तगाल जैसे विकसित देशों की तर्ज पर उन्नत लैब्स और नवीनतम तकनीक विश्वविद्यालय में लाई जाएगी। प्रो. सैनी ने एक ऐतिहासिक पहल की जानकारी दी।
विश्वविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट तैयार करने के लिए संपादकीय बोर्ड की सिफारिशों को भी अनुमोदित किया गया। कुलसचिव ने प्रशासनिक पारदर्शिता और कार्यकुशलता को प्राथमिकता देने की बात दोहराई।