जींद। हरियाणा का दिल कहे जाने वाले जींद में स्वास्थ्य सेवाएं बीमारी की कगार पर पहुंच चुकी हैं। आलम यह है कि गुर्दे, लिवर, किडनी व डायबिटीज की जांच न हो पाने के चलते मरीज परेशान हैं।
अस्पताल के पास लाखों रुपये की फुली ऑटोमैटिक एनालाइजर मशीन के रीजेंट खत्म होने के कारण यह मशीन बंद है। रीजेंट नहीं होने के कारण अस्पताल में गंभीर बीमारियों के टेस्ट नहीं हो रहे। मरीजों को बाहर के अस्पतालों में भटकना पड़ रहा है।
बजट नहीं होने के कारण अस्पताल प्रशासन लगभग आठ महीने पहले रीजेंट खरीदने में असमर्थ था। इस दौरान अस्पताल में स्थाई पीएमओ व सीएमओ भी नहीं थे। इस कारण अस्पताल को बजट को लेकर परेशानी थी। अब अस्पताल को अपनी स्थाई सीएमओ मिली हुई है, लेकिन इसके बावजूद भी अस्पताल में गंभीर रोगाें की जांच के लिए रीजेंट उपलब्ध नहीं हो रहे।
फिलहाल, नागरिक अस्पताल की लैब में सीबीसी पार्ट पांच मशीन पूरी तरह से बंद पड़ी है। इसके स्थान पर सीबीसी पार्ट तीन से काम चलाया जा रहा है। अस्पताल में बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन भी बंद है। डायलिसिस के मरीजों की जांच नहीं हो रही। इन दिनों बायोकेमिस्ट्री की जांच का काम बंद हो गया है।
बाक्स
अस्पताल में औसतन ओपीडी 1500 मानी जाती है। इनमें से सीसीसी पार्ट पांच की जांच के लिए 100 से ज्यादा मरीजों को जरूरत होती है। इसके अतिरिक्त दर्जनभर मरीजों को भी रोजाना डायलिसिस की जांच करवानी होती है। बाहर से रिपोर्ट करवाने में समय व पैसे दोनों की बर्बादी है।
बाक्स
बजट के अभाव में ऑक्सीजन प्लांट भी बंद
नागरिक अस्पताल में एक सुविधा नहीं बल्कि बजट के अभाव में कई सुविधाओं की कमी हो रही है। कोरोना काल में लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट भी बजट के अभाव में बंद पड़ा है। नागरिक अस्पताल में कई तरह की दवा भी पिछले लंबे समय से खत्म हैं।
बाक्स
नागरिक अस्पताल के सिर पर कर्ज का भार
नागरिक अस्पताल पर पांच करोड़ रुपये का कर्ज है। इसे चुकाने के लिए अस्पताल के पास बजट नहीं है। इस कारण न तो जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य विभाग दवाई खरीद पा रहा और न ही बंद पड़े उपकरणों को शुरू करने के लिए जरूरत का सामान खरीद पा रहा।
वर्जन
एनालाइजर मशीन के रीजेंट जल्द ही मंगवाए जाएंगे। प्रक्रिया अंडर प्रोसेस है। अभी तक सीबीसी पार्ट तीन से जांच की जा रही है। इसी सप्ताह के अंत तक बजट आने के बाद सभी व्यवस्थाओं को सुचारू किया जाएगा। -डॉ. सुमन कोहली, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल जींद