ब्लैक हापर से खराब धान की फसल की गिरदावरी की मांग को लेकर इनेलो ने प्रदर्शन किया। इस दौरान इनेलो नेताओं ने पराली जलाने व खेतों की बाड़ लगाने पर लगाई गई रोक के विरोध में नारे लगाए। इनेलो नेताओं ने कहा कि एक ओर तो लावारिस पशुओं से फसल को काफी नुकसान पहुंच रहा है, वहीं प्रशासन ने बाड़ लगाने पर भी रोक लगा दी है। ऐसे में फसल की रक्षा किसान कैसे करें। ज्ञापन सौंपने के दौरान विधायक परमेंद्र ढुल ने एसडीएम सतबीर सिंह कुंडू को कहा कि ब्लैक हापर से जिला भर में धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। इससे किसानों की कमर टूट गई है। ऐसे में प्रशासन को फसल का सर्वे करवाना चाहिए।
साथ ही पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ हुए केस भी वापस लेने की मांग की। इस दौरान ढुल ने कहा कि जींद बहुत पहले से एनसीआर में आ गया था। ऐसे में सरकार को बहुत पहले ही किसानों को बताना चाहिए था, ताकि किसान उसी हिसाब से फसलों की बिजाई करते। यहां जिला प्रधान कलीराम पटवारी ने कहा कि पिछले लगभग दो वर्ष से भी ज्यादा समय से प्रदेश सरकार का कृषि जगत को लेकर रवैया बेहद निराशाजनक और पूरी तरह से किसान विरोधी रहा है। इनेलो के शीर्ष नेतृत्व ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर धान में नमी के नाम पर सरकार द्वारा एमएसपी पर 75 रुपये प्रति क्विंटल तक कट लगाने के फैसले को तुरंत वापस लेने, बिना किसी कटौती मापदंड़ों में ढील देकर 22 प्रतिशत तक नमी वाला धान एमएसपी पर खरीदने, मंडियों में किसानों की हो रही लूट बंद करने, धान खरीद में बोगस बिलिंग व फर्जी गेटपास घोटाले की उच्च स्तरीय जांच करवाने और किसानों से काटी गई रकम उन्हें वापस दिलवाने की मांग की। इस दौरान नरवाना के विधायक पिरथी नंबरदार, डॉ. हरिचंद मिढ़ा, बलदेव वाल्मीकि, भगवानदास, भूपेंद्र जुलानी, सुदेश चौपड़ा, कैप्टन रणधीर सिंह चहल, सोनू गुलिया, डॉ. दलबीर बीबीपुर व सचिव गुरदीप सांगवान भी मौजूद