01जेएनडी24 : संजीवनी बूटी लेकर आते हनुमान। स्रोत आयोजक।
नरवाना। श्री भारतीय कला केंद्र की ओर से हुडा ग्राउंड में चल रही रामलीला मंचन में मंगलवार रात लंका युद्ध की रोमांचक झलकियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। मंचन में अंगद का रावण दरबार में पैर जमाना, लक्ष्मण मूर्छा और हनुमान द्वारा संजीवनी बूटी लाकर उन्हें जीवनदान देने जैसे दृश्य प्रस्तुत किए गए।
पंडाल जयकारों से गूंज उठा और दर्शक खुद को कथा का हिस्सा मान बैठे। रामलीला का शुभारंभ रोहित गुप्ता, नितिन मित्तल और नरेश मित्तल उदयपुरिया ने रिबन काटकर किया। वहीं राम भक्तों की राम रसोई का उद्घाटन अनिल गुप्ता, रामनिवास जैन और डायरेक्टर सुरेश मित्तल ने किया। अतिथियों का स्वागत केंद्र के पदाधिकारियों ने मोमेंटो भेंट कर किया। मंच संचालन राकेश शर्मा और रामनिवास जैन ने किया।
मंचन में हनुमान द्वारा भगवान राम को सीता का समाचार देना और विभीषण का लंका त्यागकर रामदल से जुड़ना दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहा। भगवान राम ने विभीषण का स्वागत कर उन्हें लंका का भावी राजा घोषित किया। विभीषण की सलाह पर भेजे गए अंगद ने रावण दरबार में पैर जमाकर रावण की शक्ति को चुनौती दी।
दूसरी ओर लक्ष्मण और मेघनाथ के बीच हुए युद्ध में लक्ष्मण गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें हनुमान संजीवनी बूटी से पुनः जीवनदान दिलाने में सफल रहे। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष दिनेश गोयल, महामंत्री पुरुषोत्तम आर्य, नरेश शर्मा बड़नपुर सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं पंडाल की सुरक्षा की जिम्मेदारी विश्व हिंदू सेना ने संभाली।