लघु सचिवालय में अंडर ग्राउंड दबी केबल में फॉल्ट की खोज के लिए जमीन खोदते बिजली कर्मचारी।
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खेतों में आठ घंटे बिजली न मिलने से नाराज कंडेला गांव के किसानों ने शुक्रवार आधी रात को जींद-चंडीगढ़ मार्ग पर जाम लगा दिया। साथ ही बिजली निगम के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे सदर थाना प्रभारी धर्मवीर ने आधी रात को किसानों को आश्वासन देकर जाम खुलवाया। इस मामले में किसान दो दिन पहले डीसी विनय सिंह से भी गुहार लगा चुके हैं। दरअसल खेतों में बिजली सप्लाई के लिए आठ घंटे का शेड्यूल बनाया गया है, लेकिन उन्हें मात्र दो से तीन घंटे ही बिजली मिलती है। इसमें भी कम वोल्टेज और बीच-बीच में कटौती होती रहती है। कंडेला, शाहपुर व आसपास के गांव में जीतगढ़ फीडर से खेतों में बिजली सप्लाई जाती है। पिछले कई दिनों से बारिश नहीं होने की वजह से धान के सीजन में खेतों में बिजली की मांग काफी बढ़ गई है। ओवरलोड की वजह से बार-बार तकनीकी खराबी आने की वजह से कंडेला व शाहपुर गांव में किसानों को शेड्यूल के अनुसार बिजली नहीं मिल पा रही है। किसानों का कहना है कि पिछले करीब एक सप्ताह से उन्हें बिजली नहीं मिल पा रही है। दो दिन पहले कंडेला, शाहपुर व जीतगढ़ गांव के किसान डीसी विनय सिंह से मिले थे। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज किसानों ने शुक्रवार रात्रि जींद-चंडीगढ़ मार्ग जाम कर दिया। किसानों ने बिजली निगम कर्मचारियों पर अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप लगाया है। किसानों ने निगम अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम की सूचना पाते ही मौके पर पहुंचकर शहर थाना प्रभारी धर्मवीर ने किसानों से बातचीत करके उनकी समस्या के समाधान के लिए आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
तीन गुना बढ़ी मांग
धान की रोपाई शुरू होने से पहले से लेकर अब तक खेतों में बिजली की मांग तीन गुणा की बढ़ी है। बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार करीब एक महीना पहले प्रतिदिन 13 लाख यूनिट की खपत हो रही थी, अब प्रतिदिन 39 लाख यूनिट की खपत हो रही है। वहीं पूरे जिले में जहां पहले 46 लाख यूनिट बिजली की खपत थी, वह अब 77 लाख यूनिट प्रतिदिन पहुंच चुकी है।
एक्सईएन से मिले किसान
कंडेला व आसपास के गांव के किसान शनिवार को निगम कार्यालय में अधिकारियों से मिलने पहुंचे। बिजली निगम एक्सईएन एके कटियार ने किसानों की समस्या को जल्द समाधान का आश्वासन दिया और मौके पर ही बिजली की तार देकर उनके साथ बिजली कर्मचारी भी भेज दिए। जीतगढ़ फीडर पर अंतिम छोर पर शाहपुर गांव है, जहां पिछले कई दिनों से ओवरलोड की वजह से सुचारु रूप से बिजली सप्लाई नहीं हो रही है। निगम इस फीडर पर लोड कम करने के लिए शाहपुर व आसपास की खेतों की बिजली लाइन को दूसरी जगह से जोड़ने पर विचार कर रहा है।
लघु सचिवालय में भी दिनभर रही बिजली गुल
शनिवार को केबल जलने की वजह से लघु सचिवालय में पूरे दिन बिजली गुल रही। लघु सचिवालय में जमीन के अंदर बिजली की केबल दबी हुई है। बिजली कर्मचारी सुबह से ही जमीन खोदकर फॉल्ट ढूढ़ने में लगे रहे। बिजली निगम के कर्मचारी तार को ठीक करने में लगे थे। लघु सचिवालय के जिस भवन में उपायुक्त कक्ष, एसडीएम कक्ष, नगराधीश कक्ष के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण अधिकारियों के कार्यालय हैं, वहां पर शनिवार सुबह से ही बिजली गुल थी। बाद में पता चला कि इस बिल्डिंग को जिस अंडरग्राउंड तार से बिजली सप्लाई की जा रही है, वह उस तार में कहीं फाल्ट होने के कारण बिजली गुल है।
जीतगढ़ फीडर पर ओवरलोड चल रहा है, जिससे यह समस्या हो रही है। बिजली कर्मचारी फॉल्ट ठीक करने के लिए जाते हैं, तो किसान अपने खेतों में ट्रांसफार्मर से जंपर नहीं उतारने देते हैं। शाहपुर गांव जीतगढ़ फीडर के अंतिम छोर पर है। इस लाइन पर लोड कम करने के लिए शाहपुर व आसपास के खेतों के कनेक्शन श्रीराग खेड़ा बिजली घर या फिर नगूरां से जोड़ने पर विचार चल रहा है।
- दलजीत सिंह, एसई
बिजली निगम जींद।