जींद। बाल वाटिका से पहली कक्षा तक के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के उद्देश्य से एफएलएन के तहत कक्षा इंचार्ज को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) ने सभी खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) व खंड संसाधन संयोजक को पत्र जारी कर बीआरसी, बीआरपी, सीआरसी व एबीआरसी को अपनी विजिट पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इसमें सभी क्लस्टर हेड को अपने अधीन आने वाले प्राथमिक स्कूल व निपुण छात्र संख्या एकत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं।
एबीआरसी व बीआरपी को 7 स्कूलों की 14 कक्षा, जिला व ब्लॉक अधिकारी को चार स्कूलों की 8 कक्षा, एफएलएन को-ऑर्डिनेटर को छह स्कूलों की 12 कक्षा को विजिट करनी होती है। जिलेभर में 424 प्राथमिक राजकीय स्कूल हैं। प्रत्येक स्कूल से बालवाटिका व पहली कक्षा के इंचार्ज को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण को लेकर 40-40 शिक्षकों का बैच बनाया जाएगा। इसमें लगभग 500 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। 18 नवंबर से प्रशिक्षण शुरू होने की संभावना है।
प्राथमिक कक्षा में निपुण हरियाणा कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसमें प्राथमिक कक्षा में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान पर कार्य किया जा रहा है। निपुण हरियाणा के तहत विद्यार्थियों को रोचक तरीके से पढ़ाने को लेकर प्रिंट रिच गतिविधियां भी शामिल हैं। इसके तहत विद्यार्थियों को भाषा के विभिन्न पहलुओं जैसे धारा प्रवाह पढ़ना, शब्द पहचान, अक्षर ज्ञान और ध्वनि जागरूकता से परिचित करवाए जाने के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियां भी करवाई जाती हैं। इनमें विद्यार्थियों को अपने से बड़ों और व अन्य विद्यार्थियों के साथ बातचीत करने, खुद को रचनात्मक रूप से व्यक्त करने और आत्मविश्वास से संवाद करने के अवसर दिए जाने की गतिविधियां भी शामिल हैं। ऐसे में यह ट्रेनिंग विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने में काफी उपयोगी साबित होगी।
जिले के 500 शिक्षक 36 हजार विद्यार्थियों को करेंगे प्रशिक्षित
जिले के प्राथमिक स्कूलों में पांचवीं तक 36 हजार विद्यार्थी हैं। इनको प्रशिक्षित करने के लिए 500 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। एफएलएन के तहत जिले के प्राथमिक स्कूल व बालवाटिका के इंचार्ज को लेकर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण 18 नवंबर से शुरू होगा। -राजेश वशिष्ठ, एफएलएन जिला को-ऑर्डिनेटर।