जींद। लगातार बढ़ रहे प्रदूषण को देखते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने फिर से ग्रैप-3 लागू कर दिया है। अब दिल्ली एनसीआर में कई चीजों पर पाबंदी लगा दी है, जो कि जिले में भी लागू होगी। अब जिले में निर्माण कार्य और तोड़ने पर रोक लगाई गई है। ग्रैप-3 मेें बोरिंग और ड्रिलिंग, पाइलिंग वर्क, ओपन ट्रेंच सिस्टम के काम पर रोक रहेगी। सीवर लाइन, ड्रेनेज और इलेक्ट्रिक केबल के काम पर भी रोक लगा दी गई है। आरएमसी बैचिंग प्लांट, ईंट-भट्ठे, बड़े वेल्डिंग वर्क और गैस कटिंग काम भी नहीं हो सकेंगे। लोग बिना मास्क लगाए घरों से निकल रहे हैं। इससे उनका स्वास्थ्य खराब होने का डर बना है। चिकित्सकों ने घर से बाहर निकलने से पहले मास्क का प्रयोग करने और सुबह-शाम सैर पर भी न जाने की सलाह दी जा रही है।
वायु प्रदूषण की स्थिति के आधार पर ग्रैप के अलग-अलग चरण लागू किए जाते हैं। एक्यूआई का स्तर 200 पार जाने पर ग्रैप का पहला चरण लागू होता है। इसके 300 पार जाने पर दूसरा और 400 के पार जाने पर तीसरा चरण लागू होता है।
ग्रैप-3 में इन कार्यों पर लगेगी रोक
निर्माण और तोड़फोड़ पर रोक लगा दी जाएगी। सभी गैरजरूरी खनन गतिविधियां बंद रहेंगी।
गैर-इलेक्ट्रिक, गैर-सीएनजी और बीएस-4 डीजल वाहनों पर प्रतिबंध रहेगा।
बीए-3 या उससे नीचे की गाड़ियां नहीं चलेंगी। हालांकि, जरूरी सेवाओं से जुड़ी गाड़ियों को छूट रहेगी।
एनसीआर में पेटिंग, पोलिसिंग, ईंट-भट्ठा, पहाड़, क्रसर के काम पर प्रतिबंध रहेगा।
सड़कों तथा धूल उड़ने वाली जगह पर पानी का छिड़काव जारी रहेगा।
प्रदूषण स्तर बढ़ने से जिले में गैप-3 लागू हो गया है। निर्माण कार्य करने तथा तोड़ने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है। गर्म करने के लिए कोयले और लकड़ी का उपयोग न करें। लगातार बढ़ रहे प्रदूषण स्तर को लेकर अपने वाहनों के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट में ही सफर करें। -अश्वनी धीमान, क्षेत्रीय अधिकारी, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जींद।