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बढ़ी मजदूरी देने की मांग को लेकर अनाज मंडी के मजदूरों ने की हड़ताल

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बढ़ाई गई मजदूरी देने की मांग को लेकर अनाज मंडी में नारेबाजी करते मजदूर। - फोटो : Jind
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मंगलवार को अनाज मंडी के मजदूरों ने बढ़ी मजदूरी के रेट देने की मांग को लेकर हड़ताल की। मजदूरों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
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मजदूरों ने कहा कि सरकार द्वारा नया रेट व कई सुविधाएं देने का एलान किया गया है, लेकिन उनको वे सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इसी मुद्दे को लेकर मजदूरों ने हड़ताल की है। मजदूर विक्रम, किताबा, सतपाल, बीरा, काला, दलबीर सिंह, रमेश शर्मा, दलबीर, रमेश कुमार, विनोद कुमार, हरदीप सिंह, रणधीर सिंह व सुरेश कुमार ने बताया कि पहले सरकार मजदूरों को 7.94 रुपये प्रति क्विंटल मजदूरी उठान की देती थी, जो बढ़ाकर दस रुपये कर दी गई है। लोडिंग बढ़ाकर चार रुपये किया गया है, लेकिन आढ़ती उनको बढ़ाने रेट को देने के लिए तैयार नहीं हैं। मजदूरों ने बताया कि मार्केट कमेटी के अधिकारियों के पास भी समस्या रखी गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। मजदूरों ने कहा कि जब तक नया रेट लागू नहीं होगा तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि मजदूर हर रोज कमाते व खाते हैं, इसलिए जरूरी है कि उनकी मजदूरी का भुगतान हर रोज किया जाए।
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मजदूरों ने कहा कि अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं, जबकि आश्वासन से मजदूर का पेट नहीं भरता। वे हर रोज कमाकर अपना पेट पालते हैं। सरकार ने मजदूरी के रेट 8 मई से बढ़ा दिए हैं, लेकिन 12 मई तक भी मजदूरों को कोई बढ़ा रेट नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अगर अधिकारियों को आश्वासन देना है तो आढ़तियों को दें क्योंकि मजदूर आढ़ती से ही मजदूरी लेता है। वहीं मजदूरों की हड़ताल के कारण अनाज मंडी में काम रुक गया। किसान अपना गेहूं लेकर मंडी में बैठे रहे और आढ़ती लोडिंग के इंतजार में अपनी दुकान पर बैठा थे। मार्केट कमेटी के सचिव जोगिंद्र सिंह ने कहा कि मजदूूरों को समझाया गया है कि आठ मई के बाद सभी मजदूरों की मजदूरी के नए रेट के हिसाब से पेमेंट दी जाएगी। आठ मई से पहले पुराने रेट की मजदूरी दी जाएगी।
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