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किसानों को कमजोर और अकेला न समझे सरकार : पालवां

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खटकड़ टोल दिए जा रहे धरने पर पहुंचे किसान। संवाद - फोटो : Jind
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नरवाना/ उचाना। कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन के तहत खटकड़ व बद्दोवाल टोल प्लाजा पर किसानों का धरना जारी है। शनिवार को बद्दोवाल टोल प्लाजा पर पांच किसानों ने क्रमिक अनशन कर रोष जताया, वहीं खटकड़ टोल पर आसपास के 13 गांवों से किसान धरने में शामिल हुए। रविवार को यहां 15 गांवों से किसान आएंगे। किसान नेता आजाद पालवां ने कहा कि सरकार किसानों को कमजोर और अकेले न समझे। उनका आंदोलन शांतिपूर्ण जारी रहेगा।
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किसान नेता आजाद पालवां ने कहा कि संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर किसानों के धरने पर 23 फरवरी पगड़ी संभाल दिवस और 27 फरवरी को गुरु रविदास महापर्व मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह के चाचा अजीत सिंह ने 1907 में किसानों के हक के लिए पगड़ी संभाल आंदोलन चलाया था। शनिवार को घासो खुर्द, घासो कलां, सफा खेड़ी, तारखां, काब्रच्छा, सुदकैन कलां, सुदकैन खुर्द, लोधर, अलीपुरा, गुरूकुल खेड़ा, करसिंधु, पालवां व खरकभूरा गांव से किसान पहुंचे। धरने की अध्यक्षता गजे सिंह लोधर ने की। इस मौके पर बिजेंद्र सिंधु, भरत सिंह, जयप्रकाश, अमरजीत, ईश्वर सिंह, धर्मबीर, हरिकेश, जंगीर पालवां, महेंद्र खरक, ओमप्रकाश शर्मा घासो, अनुराग खटकड़, पप्पू गुरुकुल खेड़ा, मेवा, रामनिवास करसिंधु, भगत धनखड़ी, सिक्किम सफा खेड़ी, कविता, कमला जुलानी, कृष्णा देवी मौजूद रहे।
उपमुख्यमंत्री के कार्यालय में हुई कार्रवाई गलत
पालवां ने कहा कि शुक्रवार को उचाना की कपास मंडी में किसान सेवा केंद्र स्थित उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के कैंप कार्यालय में किसानों के साथ हुई धक्का-मुक्की पूरी तरह से गलत है। सरकार किसानों को कमजोर व अकेला समझने की भूल न करे। जिले में कोई भी भाजपा, जजपा का मंत्री व विधायक सहित उनका नुमाइंदा आता है तो उसका विरोध किया जाएगा। किसान नेता सतबीर पहलवान ने कहा कि रोजाना 15 गांवों के किसान धरने पर आएंगे। 105 गांव ऐसे हैं जो धरनास्थल के आसपास हैं। सप्ताह में एक बार में एक गांव से किसान आएंगे। किसान शांति पूर्वक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला सरकार से समर्थन वापस लें, सांसद बृजेंद्र स िंह अपने पद से इस्तीफा देकर किसानों के साथ आएं क्योंकि वह जहां हैं उन्हें वहां किसानों ने पहुंचाया है।
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