02जेएनडी11-ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्र के किसानों से मिलते बृजेंद्र सुरजेवाला। संवाद
नरवाना। किसानों पर प्राकृतिक आपदा की मार लगातार जारी है। पिछले महीने 20 फरवरी की रात आई आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से गांव उझाना और आस पास के गांवों में फसलों को भारी नुकसान हुआ था।
किसानों की छह महीने की मेहनत पर पानी फिर गया। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल बिछ गई। इसके बाद अब 28 फरवरी को भी इस क्षेत्र में बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। यह बात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चौधरी बृजेंद्र सिंह सुरजेवाला ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर किसानों से मुलाकात करते हुए कही। सुरजेवाला ने उझाना, नेपेवाला, कोयल, गढी, धनौरी का दौरा किया और ओलावृष्टि से किसानों की गेहूं की फसल की हुई बर्बादी का आकलन किया।
उन्होंने कहा कि उझाना, नेपेवाला, कोयल, धनौरी और बॉर्डर के गांवों में तो शत-प्रतिशत फसल बर्बाद हो गई है। सुरजेवाला ने सरकार को ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की स्पेशल गिरदावरी करवाने, क्षतिपूर्ति पोर्टल को जल्द खोले जाने और किसानों को खराब हुई फसलों का 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाने की मांग की।