संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ समाज के राष्ट्रीय प्रतिनिधि राजेश खर्ब ने कहा कि संघ प्रत्येक बच्चे तक नि:शुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए छह मार्च से जन जागरण और दाखिला अभियान चलाएगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षा ही एकमात्र वह रास्ता है जो शिक्षालय से होकर आत्मनिर्भरता की ओर गुजरता है। एक तरफ देश के प्रधानमंत्री लाल किले से नारा देते हैं कि जय विज्ञान जय अनुसंधान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ लेकिन दूसरी तरफ उनकी राज्य सरकार राज्य को कन्या विद्यालय विहीन बनाने और सामान्य विद्यालयों की मर्जिंग के नाम पर संख्या घटाने पर तुली हुई है। इसके चलते विद्यालयों में छात्र संख्या कम होती जा रही है। स्कूलों में समय पर किताब एवं प्रोत्साहन राशि न देना, बच्चों को निजी स्कूलों की तरफ आकर्षित करने के लिए चिराग जैसी योजनाएं चलाना और शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती न करना और जनसंवाद में सरकार के प्रतिनिधि जनता को गुमराह करते हैं। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ इस तरह की कार्यशैली की घोर निंदा करता है।