जींद। रिटायर्ड कर्मचारी अधिकारी एसोसिएशन के प्रधान किताब सिंह भनवाला ने बताया कि प्रदेश की भाजपा सरकार समाज के किसी भी वर्ग की कोई समस्या सुनने के लिए न पहले तैयार थी और न ही अब है। रिटायर्ड कर्मचारी नौ वर्ष से अपनी मांगों व समस्याओं के बारे में कई बार सरकार को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन अब तक बात तक करने की कोशिश सरकार नहीं कर रही है। समाज के दूसरे वर्ग जैसे पटवारी, क्लर्क, आंगनबाड़ी वर्कर, आशा वर्कर, मिड-डे वर्कर, नंबरदार, सरपंच, सफाई कर्मचारी की मांगों को भी मानने के बाद भी लागू नहीं किया।
उप प्रधान ओमसिंह सांगवान ने कहा कि सरकार किसानों व मजदूरों के साथ किए व्यवहार की जितनी निंदा की जाए उतनी ही कम है। महिला खिलाड़ियों के साथ जो अमानवीय व्यवहार किया गया सबके सामने है। उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र व प्रदेश की सरकार ने जनहित कार्य करने के बजाय जनविरोधी, समाज विरोधी कानून व नियम बनाकर जनता को कई कष्ट दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों से सिद्ध होता है कि केंद्र सरकार ने कई असंवैधानिक और नियमों के विरुद्ध कार्य लिए है, जिनको सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक और नियमों के विरुद्ध बताया है।