चुहड़पुर गांव में शुक्रवार रात गो तस्करों और ग्रामीणों में जबरदस्त झड़प हो गई। तस्करों ने ग्रामीणों पर जमकर पथराव किया। ग्रामीण ने जवाब देना शुरू किया तो तस्करों ने फायरिंग शुरू कर दी। तस्करों द्वारा की जा रही फायरिंग की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस कंट्रोल रूम को दी।
सुबह तक पुलिस के मौके पर नहीं पहुंचने पर नाराज ग्रामीणों ने जींद-चंडीगढ़ मार्ग पर जाम लगा दिया। डीएसपी के उचित कार्रवाई का आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम खोला। दो घंटे के जाम में दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई। चालकों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
गांच चुहड़पुर में शुक्रवार रात तस्कर गायों को गाड़ी में चढ़ा रहे थे। मामले की भनक लगते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। जब ग्रामीणों ने ललकारा तो तस्करों ने गाड़ी पर चढ़कर ग्रामीणों पर पथराव शुरू कर दिया। इसके जवाब में ग्रामीणों ने भी गो तस्करों पर पथराव कर उनका पीछा करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों को पीछा करते देख गो तस्करों ने ग्रामीणों पर फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग होता देखकर ग्रामीण पीछे हट गए। इसके बाद गो तस्कर वहां से फरार हो गए। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर इसकी सूचना दी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंट्रोल रूम में तैनात पुलिस कर्मचारी ने ग्रामीणों से अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना नगूरां चौकी में दी, लेकिन वहां से भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।
ग्रामीण शनिवार सुबह तक पुलिस के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन पुलिस गांव में नहीं पहुंची। इससे नाराज होकर ग्रामीणों ने जींद-चंडीगढ़ मार्ग पर अवरोधक डालकर जाम लगा दिया। जाम लगने का पता चलते ही अलेवा थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह और नगूरां चौकी प्रभारी ओमप्रकाश पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस के मौके पर पहुंचते ही ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर उनकी बात को अनसुना कर दिया।
बाद में अलेवा थाना प्रभारी वीरेंद्र ने डीएसपी सुरेश से फोन पर बातचीत करवाई। डीएसपी ने मामले की जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीण जाम खोलने के लिए तैयार हुए।
पौने घंटे तक तस्करों और ग्रामीणों ने जारी रहा संघर्ष
ग्रामीण मुकेश, शमशेर, सोनू, राममेहर ने बताया कि गो तस्कर करीब 11 बजे गाड़ी में गायों को चढ़ा रहे थे। इसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे। करीब पौने 12 बजे तक ग्रामीणों और गो तस्करों में टकराव जारी रहा, लेकिन इतना समय होने के बावजूद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। अगर पुलिस मौके पर पहुंच जाती तो गो तस्करों का पकड़ा जा सकता था। पुलिस की लापरवाही के चलते गो तस्कर फरार होने में कामयाब हो गए।