निर्भया हत्याकांड की तीसरी बरसी पर स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) द्वारा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर बुधवार को हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इस दौरान हस्ताक्षर कर रही छात्राओं के साथ कुछ असामाजिक तत्वों ने बदतमीजी की। एसएफआई के जिला कार्यकारी प्रधान सचिन ने जब इसका विरोध किया तो उनके साथ मार पीट की गई।
सचिन का आरोप है कि जिस समय यह घटना हुई उस समय महाविद्यालय के प्राचार्य और अन्य स्टाफ कुछ ही दूरी पर बैठे लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। एसएफआई ने महाविद्यालय प्रबंधन से इसकी शिकायत भी की लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। घटना के बाद एसएफआई का जिले का प्रतिनिधिमंडल एसएसपी अभिषेक जोरवाल से भी मिला।
जिला सचिव मानव ने बताया कि दो साल पहले दिल्ली में हुए निर्भया हत्याकांड ने पूरे देश की आत्मा को झकझोर दिया था। आज उसकी तीसरी बरसी पर स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर लड़कियों की सुरक्षा की मांग एवं बढ़ती छेड़खानी और गुंडागर्दी के खिलाफ एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने जागरूकता अभियान चलाया था।
इस अभियान के तहत राजकीय महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर एसएफआई कार्यकर्ता जिला कार्यकारी अध्यक्ष सचिन तथा पूर्व इकाई अध्यक्ष सोनिया के नेतृत्व में पर्चा वितरण एवं हस्ताक्षर अभियान चलाया हुआ था। जब छात्राएं हस्ताक्षर कर रही थी उस वक्त कुछ शरारती तत्वों ने छात्राओं के साथ बदतमीजी करनी शुरू कर दी।
एसएफआई कार्यकर्ताओं ने जब विरोध किया तो असामाजिक तत्वों द्वारा एसएफआई नेता सचिन के साथ मारपीट करने लगे।
एसएफआई कार्यकर्ताओं ने जब उन्हें पकड़ने की कोशिश की तो असामाजिक तत्व मौके सेे भाग खड़े हुए। मानव ने कहा कि कार्रवाई की मांग को लेकर सिविल लाइन चौकी गए लेकिन वहां पर भी कोई सुनवाई नहीं की गई। इसके बाद एसएफआई कार्यकर्ताओं ने एसएसपी से मुलाकात कर मामले की जानकारी दी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसएफआई कार्यकर्ताओं ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की।
एसएफआई जिला कमेटी ने छेड़खानी एवं गुंडागर्दी के खिलाफ सघन अभियान चलाने का निर्णय लिया तथा प्रशासन से हमलावरों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।
इस अवसर पर एसएफआई के राज्य उपाध्यक्ष विनोद कुमार, सोनू कटारिया, रामेहर, पूजा, कृष्ण, सोनिया, रुकसाना, किरण, समता, सुषमा, दीपक, अनिल, नवीन शामिल रहे।
एमएलआर के बिना कैसे करें कार्रवाई
छात्र शिकायत लेकर आए थे, लेकिन उनके पास एमएलआर नहीं थी। उनको एमएलआर के लिए समझाया था। बिना एमएलआर कैसे कार्रवाई की जा सकती है।
ओमप्रकाश, सिविल लाइन थाना प्रभारी।