12जेएनडी37-नागरिक अस्पताल की पुलिस चौकी में पोस्टमार्टम कार्रवाई करते हुए जांच अधिकारी। संवाद
जींद। दोस्त के रिश्ते की खुशी में एकजुट हुए पांच दोस्तों को सड़क हादसे ने हमेशा के लिए एक-दूसरे से अलग कर दिया। नीलगाय बचाने के प्रयास में दुर्घटनाग्रस्त हुई कार से दो दोस्तों की असमय मौत हो गई, जबकि तीन दोस्त जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। इस हादसे से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
नगूरां निवासी हिमांशु को देखने के लिए रिश्तेवाले आए थे। इस खुशी में रविवार को उसने सुनील उर्फ सन्नी, अमित, अजय और हरदीप को घर बुलाया था। सुनील तो परिजनों को बिना बताए ही घर से बाइक लेकर नगूरां के लिए निकला था, लेकिन बीच रास्ते में उसे दोस्त मिल गए। इसके बाद वह उनके साथ कार में बैठ गया था।
शाम को कार्यक्रम संपन्न होने के बाद सभी खुशी-खुशी कैथल जिले के गांव किठाना निवासी दोस्त अजय को उसके घर छोड़ने के लिए निकले थे। रात करीब सवा 9 बजे जब वे चांदपुर गांव के पास पहुंचे तो नीलगाय सामने आने से कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
तीन बहनों का इकलौता भाई था सुनील
मिलकपुर हाल आबाद इंप्लाइज कॉलोनी निवासी सुनील उर्फ सन्नी तीन बहनों का इकलौता भाई था। उसकी दो बहनों की शादी हो चुकी है। एक बहन अविवाहित है। सुनील सबसे छोटा था। सुनील ने स्नातक और नक्शा नवीस का आईटीआई डिप्लोमा किया था। वह फिलहाल सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। वहीं हादसे में मारा गया अमित भी अपनी माता-पिता का इकलौता बेटा था। वह भी अपनी छोटी बहन का इकलौता भाई था। अमित स्नातकोत्तर किए था और घर पर ही रहता था।