शहर थाने में केस दर्ज कराने पहुंची डॉक्टरों की टीम।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शनिवार को नरवाना के तथाकथित झोलाछाप डॉक्टर को लड़का पैदा होने की दवा देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसकी दुकान को सील कर दिया। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सतीश सुलेख ने बताया कि उन्हें सूचना मिली कि दादा खेड़ा के निकट पुराने बाजार में एक झोलाछाप कुलदीप कौशिक नाम का डॉक्टर गर्भवती महिलाओं को लड़का पैदा होने की दवाई देता है। सूचना मिलने के बाद उनकी टीम ने एक महिला को तैयार करके कुलदीप कौशिक के पास दवाई लेने भेजा। महिला ने डॉक्टर से लड़का पैदा होने की दवाई मांगी।
जब महिला कुलदीप कौशिक से बात कर रही थी तो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए उनके पास सारी रिकार्डिंग आ रही थी। वह दोनों के बीच हो रही बात सुन रहे थे। डॉक्टर ने उन्हें बताया कि वह अब तक लगभग 800 महिलाओं को लड़का पैदा होने की दवाई दे चुके हैं जिन्हें लड़का ही पैदा हुआ है। इससे पहले महिला ने डॉक्टर से फोन पर बात की थी। कुलदीप कौशिक ने महिला को कुछ दूरी पर स्थित दूसरी दुकान से तीन गोलियां लाकर दी। उसने महिला को हर सोमवार एक गोली लेने को कहा। डॉक्टर ने लगातार तीन सोमवार गोलियां लेने से लड़का पैदा होने का दावा किया। इसके बाद जब महिला ने गोलियों के पैसे देने की बात कही तो डॉक्टर ने कहा कि वह इस पुण्य के कार्य के पैसे नहीं लेते। अगर उन्हें दान करना है तो माता के मंदिर में दान दे सकती हैं। जिसके लिए उसने दुकान में ही लगे मंदिर की ओर इशारा किया। महिला ने मंदिर में पांच सौ रुपये रख दिए और डॉक्टर को चाय पिलाने की बात कही। योजना के अनुसार चाय की बात सुनकर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लड़का पैदा करने वाली दवाई के बारे में पूछा तो उसने सब कुछ कबूल कर लिया। शहर पुलिस ने तथाकथित डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया और दुकान को सील कर दिया। शहर पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। टीम के सदस्य ने बताया कि यह किसी और की डिग्री पर काम कर रहा था।