four employees sentenced in four cases of taking bride
अदालत ने शुक्रवार का चार मामलों में चार कर्मचारियों को सजा सुनाई। उन पर जुर्माना भी लगाया गया है।
पहले मामले में उचाना के बिजली निगम के एएलएम अनिल कुमार को अदालत ने तीन साल कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत में चले अभियोग के अनुसार राज्य चौकसी ब्यूरो की टीम ने एएलएम अनिल कुमार को 21 जून 2017 को सफाखेड़ी गांव के दुकानदार विकास से 10 हजार रुपये रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। दुकानदार विकास ने राज्य चौकसी ब्यूरो को दी शिकायत में कहा था कि उसकी मोबाइल की दुकान में बिजली के कनेक्शन के लिए सहायक लाइनमैन अनिल कुमार ने 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी है। राज्य चौकसी ब्यूरो की टीम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट को साथ लेकर अनिल कुमार को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया था। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। शुक्रवार को अदालत ने इस मामले में अनिल कुमार को दोषी करार देते हुए उसे तीन साल कैद तथा पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
दूसरे मामले में अदालत ने जिला कल्याण विभाग के चपरासी राधेश्याम को जुलाना के मनीराम से एक हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में चार साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। राज्य चौकसी ब्यूरो को 29 नवंबर 2017 को जुलाना निवासी मनीराम ने शिकायत देकर कहा था कि उसकी बेटी की शादी की कन्यादान राशि की किश्त दिलवाने के लिए विभाग का चपरासी राधेश्याम एक हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है। इस पर टीम ने जब छापा मारकर चपरासी को एक हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ काबू किया था। अदालत ने उसे चार साल की कैद व दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
वहीं तीसरे मामले के अनुसार पिल्लूखेड़ा थाना में तैनात हवलदार जसबीर को तीन साल की कैद तथा पांच हजार रुपये जुर्मानो की सजा सुनाई है। बुढ़ाखेड़ा गांव निवासी सुरजीत उर्फ सीता से हवलदार जसबीर ने एक मुकदमे में कुछ लोगों के नाम निकालने की एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत ली थी। राज्य चौकसी ब्यूरो की टीम ने हवलदार जसबीर को रंगेहाथों काबू किया था। चौथे मामले में अदालत ने डाटा एंट्री ऑपरेटर को तीन साल की कैद तथा पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। गांव बिघाना निवासी राममेहर ने राज्य चौकसी ब्यूरो की टीम को शिकायत देकर कहा था कि डीआरडीए में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर मुनीष प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उसकी किश्त दिलाने के नाम पर तीन हजार रुपये मांग रहा है। टीम ने छापा मारकर मुनीष को तीन हजार रुपये की रिश्वत समेत गिरफ्तार किया था। अदालत ने शुक्रवार को उसे तीन साल की कैद तथा पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।