उपमंडल कार्यालय में अखिल भारतीय किसान सभा के सदस्य धरना देते हुए।
- फोटो : Jind
अखिल भारतीय किसान सभा द्वारा बारिश से खराब हुई फसलों की विशेष गिरदावरी व मुआवजे की मांग को लेकर ने शुक्रवार को जींद, नरवाना, सफीदों व उचाना में धरना दिया गया। किसानों द्वारा नारेबाजी कर बारिश व ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों की तुरंत प्रभाव से गिरदावरी करवा कर 30 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिए जाने की मांग की।
राज्य महासचिव फूलसिंह श्योकंद ने कहा कि प्रदेश में सरसों, गेहूं व सब्जियों में बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। 30 से 70 प्रतिशत तक फसल खराब हो चुकी है। किसान फसल बीमा कंपनियों के चक्कर काट कर दुखी हो चुके हैं। किसान सभा की सरकार व प्रशासन से मांग है कि बीमा कंपनियों के चक्कर में नहीं उलझा कर सभी किसानों की फसलों के नुकसान का सही मूल्यांकन करवा कर उन्हें तुरंत मुआवजा दिया जाए। इस मौके पर ज्ञानी राम, शमशेर सिंह, रोशन, मीना श्योकंद, जोधाराम, जगदीश, धीरा व वीरेंद्र भी मौजूद रहे।
एसडीएम और तहसीलदार को सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
सफीदों के हाट गांव व भाजपा नेता नरेंद्र घणघस के नेतृत्व में साहनपुर के किसानों ने एसडीएम मनदीप कुमार से मिले। गिरदावरी करवाने की मांग का एक ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम व नायब तहसीलदार रामपाल शर्मा को सौंपा।
ग्रामीण सुमेर सिंह, सतबीर सिंह, सतनारायण, सरपंच विजेंद्र एवं जिला पार्षद डॉ .ऋषिपाल ने कहा कि गांव 11 मार्च को देर शाम हुई तेज बारिश व ओलावृष्टि के कारण उनकी गेहूं की फसल तबाह हो गई। किसानों ने सरकार से तत्काल गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजा देने की मांग की। घणघस ने 100 प्रतिशत नुकसान पर किसान को प्रति 25 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की। एसडीएम मनदीप कुमार ने कहा कि अभी तक सरकार की ओर से गिरदावरी के लिए कोई आदेश नहीं मिला है। जैसे ही आदेश-पत्र जारी होता है गिरदावरी करवा दी जाएगी।