जींद। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से बुधवार को जिला कारागार में लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में चार मामले विचाराधीन रखे गए जिनमें से एक मामले का निपटान किया गया।
एक विचाराधीन बंदी को अंडरगोन किया गया और आदेश पारित किए गए कि यदि बंदी पर और कोई केस ना हो तो रिहा किया जाए। प्राधिकरण सचिव मोनिका ने जेल में रह रहे बंदियों से बातचीत कर उन्हें मुफ्त कानूनी सहायता व अपील के अधिकार से अवगत कराया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कैदियों में हवालातियों को उनके केसों में आ रही मुश्किलों को सुना व समस्याओं के समाधान संबंधी जानकारी दी। प्राधिकरण सचिव ने जेल में बंद कैदियों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को अपने केस की पैरवी करने के लिए वकील की जरूरत है तो वह मुफ्त कानूनी सेवाओं के लिए प्राधिकरण के कार्यालय में भेजनी होती हैं।
जेल प्रशासन को महिला बंदियों को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच, कानूनी सलाह, रहन-सहन, खाने-पीने से संबंधी जरूरी दिशा निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि नौ मई को न्यायिक परिसर जींद, नरवाना और सफीदों में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई जाएगी।
इस अवसर पर जेल सुपरिंटेंडेंट दीपक शर्मा, न्याय रक्षक नंद मोहन शर्मा, अनिल जैन डिप्टी सुपरिटेंडेंट डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी जींद मौजूद रहे।