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जायदाद के लिए सगे भाई ने तीन लाख रुपये की सुपारी देकर करवाई थी पोल्ट्री व्यवसायी की हत्या

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पुलिस गिरफ्त में चारों आरोपी। संवाद - फोटो : Jind
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सफीदों (जींद)। गांव साहनपुर के पास 20 दिन पहले पोल्ट्री व्यवसायी तेजबीर की हुई हत्या की गुत्थी सीआईए सफीदों की टीम ने सुलझा ली है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि तेजबीर की हत्या उसके सगे भाई हकीकत ने ही जायदाद के लिए तीन लाख रुपये की सुपारी देकर करवाई थी। पुलिस ने हकीकत, सुपारी लेने वाले दो आरोपियों और अवैध पिस्तौल उपलब्ध करवाने वाले एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो अवैध पिस्तौल, एक मैगजीन व पांच कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने चारों आरोपियों को वीरवार अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें दो दिन के रिमांड पर भेज दिया है।
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पत्रकारों से बातचीत में आईपीएस अजीत सिंह शेखावत ने कहा कि 17 दिसंबर को तेजबीर की गांव साहनपुर के पास गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्या मृतक के भाई हकीकत ने ही दो लोगों को तीन लाख रुपये की सुपारी देकर करवाई थी। हत्या जायदाद के विवाद को लेकर करवाई गई थी। हकीकत ने यूपी के जिला शामली के गांव उमरपुर निवासी हरिओम उर्फ लक्की, गांव सिंघाना निवासी सुनील उर्फ सीना को तीन लाख रुपये दिए थे। इन दोनों को असंध के वार्ड-8 निवासी शुभम से अवैध पिस्तौल हत्या के लिए लिया था। शेखावत ने बताया कि हकीकत की नजर उसके भाई तेजबीर के पोल्ट्री फार्म व आठ एकड़ जमीन के साथ-साथ कुछ अन्य प्रॉपर्टी पर थी। एक साल पहले तेजबीर का एक महिला के साथ प्रेम प्रसंग हो गया था। इसके कारण दोनों भाइयों में अनबन रहती थी। महिला के परिवार के लोगों ने तेजबीर के खिलाफ मामला भी दर्ज करवाया था। हकीकत ने इसी बात का फायदा उठाते हुए महिला के परिवार के लोगों को फंसाने और प्रॉपर्टी पर कब्जा करने के लिए तेजबीर की करीब एक माह पहले सुपारी दी थी।
अपने दोस्त के साथ मिलकर साधा आरोपियों से संपर्क
पुलिस के अनुसार हकीकत ने अपने दोस्त गांव सिंघाना निवासी सुनील उर्फ सीना से संपर्क किया। सुनील ने अपने दोस्त असंध निवासी शुभम से संपर्क किया और उससे 32 बोर की अवैध पिस्तौल ले ली। इसके बाद सुनील ने अपने शामली जिले के गांव उमरपुर निवासी हरिओम से संपर्क करके तीन लाख रुपये में तेजबीर की सुपारी ले ली। हरिओम और सुनील ने 17 दिसंबर शाम को तेजबीर की गोलियां मारकर हत्या कर दी। हकीकत ने ही हत्यारोपियों को अपने भाई तेजबीर की आने-जाने की सूचना दी थी। वारदात से पहले आरोपियों ने तीन दिन हत्या का प्रयास किया लेकिन मौका नहीं मिला था।
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हत्या के आरोप में जेल जा चुका है हकीकत
शेखावत ने बताया कि हकीकत ने हत्यारों को हत्या के अगले दिन गांव साहनपुर बुलाकर दो लाख रुपये दिए थे। तेरहवीं के एक दिन बाद 40 हजार रुपये फिर से गांव में ही बुलाकर दिए। उन्होंने कहा कि हकीकत आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है। 12 साल पहले हकीकत ने गांव के ही यशपाल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में हकीकत ढाई साल तक जेल में भी रह चुका है। इसके बाद बिजली कर्मचारियों के साथ मारपीट, 2019 में डीएसपी ऑफिस के बाहर आत्महत्या का प्रयास, 2020 में उसे अफीम के मामले में भी गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह जमानत पर था। इसके अलावा गांव में ही कुलदीप नामक व्यक्ति का 2019 में शव मिला था। इसमें भी पुलिस हकीकत से पूछताछ करेगी।
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