जींद। देश में बर्ड फ्लू की आहट से पोल्ट्री उद्योग को भारी नुकसान हो रहा है। जींद जिले में भी इसका असर दिखाई देने लगा है। जिले में करीब 500 पोल्ट्री फार्म हैं, इनसे प्रतिदिन चार लाख ब्रायलर मुर्गे मार्केट में बेचे जाते हैं। लोकल मार्केट में तीन दिन पहले तक ब्रायलर की कीमत 90 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो वीरवार को 55 रुपये प्रति किलो बिका। वहीं अंडे के दाम भी लुढ़क गए हैं। दो दिन पहले 5.35 रुपये का अंडा बिक रहा था, वहीं वीरवार को 5.12 रुपये में बिका। इससे पोल्ट्री व्यवसायियों को काफी नुकसान हो रहा है। हालांकि जिले के पोल्ट्री व्यवसायी व पशुपालन विभाग की टीम पहले ही बचाव कार्य में जुट गई हैं। पोल्ट्री फार्म पर दवा का छिड़काव किया जा रहा है।
जिला पोल्ट्री कारोबार का हब है। एक दिन में करीब 10 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। इसमें आधार कारोबार ब्रायलर (मुर्गे) से होता है। इसके अलावा फीड, ट्रांसपोर्ट, दवाई व अन्य काम इससे जुड़े हुए हैं। करीब दस हजार लोग इस व्यवसाय में रोजगार काम रहे हैं। ऐसे में पोल्ट्री उद्योग में मंदी का असर हर क्षेत्र पर पड़ेगा।
जींद जिला के फार्म काफी सजग है। पिछले एक सप्ताह में 60 से अधिक पोल्ट्री व्यवसायी खुद आकर बचाव के उपायों की जानकारी ले चुके हैं। वैसे भी पका कर चिकन खाना पूरी तरह से सुरक्षित है। लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। फार्मर काफी सावधानी बरत रहे हैं। सभी फार्मर ने बायो सुरक्षा के तहत फार्म पर छिड़काव किया है। ब्रिकोन व बलकोन पांच ग्राम दवा एक लीटर में मिला कर बाहरी हिस्सों में छिड़काव करें। बाहर से आने वाली गाड़ियों को सैनिटाइज करने के बाद ही फार्म के भीतर जाने दें। पोल्ट्री फार्मर टीकाकरण भी कर रहे हैं।
- डॉ. राजू शर्मा, वरिष्ठ पशु चिकित्सक, पशुपालन विभाग जींद।
बर्ड फ्लू का कोई केस जिले में नहीं आया है। जींद में मुर्गियों की मौत का कोई मामला नहीं। अफवाहों के कारण रेट पर असर पड़ा है। ब्रायलर 55 रुपये तक आ गया है। वहीं अड़े की कीमत में करीब 15-20 पैसे की गिरावट है। लोगों को अफवाहों से बचना चाहिए। फार्म पर बायो सुरक्षा आवरण बनाया गया है व पक्षियों को टीकाकरण किया गया है।
- बिंटु बिसला, प्रधान ब्रेलर एंड ब्रिडर एसोसिएशन।