गोल्डल बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड के लिए आयोजित प्रतियोगिता में भाग लेते विद्यार्थी।
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गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड विभाग के नेशनल हेड आलोक कुमार ने कहा कि सुंदर लिखाई व्यक्ति के व्यक्तित्व में चार चांद लगा देती है लेकिन एक साथ 300 विद्यार्थियों का एक जैसी सुंदर लिखाई लिखना वास्तव में अनूठी प्रतिभा है। आलोक कुमार सोमवार को ढाठरथ गांव स्थित एनएस हाई स्कूल में आयोजित गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए आयोजित प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए आयोजित प्रतियोगिता में ढाठरथ स्थित एनएस हाई स्कूल, ईगराह के लिटन रोज पब्लिक स्कूल व सोनीपत जिले के गांव सरसोद स्थित राजकीय उच्च विद्यालय के 300 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस अवसर पर हैंडराइटिंग एक्सपर्ट ओमप्रकाश सिवाच, एचनएस हाई स्कूल के डायरेक्टर अजीत आर्य, एनएस हाई स्कूल के प्राचार्य एसएस नरवाला, ईगराह गांव के लिटल रोज पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर अनिल दूहन, सामाजिक कार्यकर्ता पूनम भी मौजूद रहे। आलोक कुमार ने कहा कि सुंदर लिखाई लिखना वास्तव में एक कला है। सुंदर लिखाई पाठक को तो अपनी तरफ आकर्षित करती ही है साथ-साथ परीक्षा में अतिरिक्त नंबर दिलवाने में भी काफी सहायक है। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी लिखाई की तरफ विशेष ध्यान देना चाहिए। 300 विद्यार्थियों द्वारा एक साथ एक जैसी लिखाई लिखना अपने आप में एक रिकॉर्ड है। विद्यार्थियों द्वारा लिखे गए पत्र उन्होंने अपने साथ रख लिए हैं। इन पत्रों को उनकी टीम जांचेगी और इसके बाद ही रिकॉर्ड बना है या नहीं यह निर्धारित होगा।
हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की थपथपाई पीठ
आलोक कुमार ने हैंडराइटिंग एक्सपर्ट ओमप्रकाश सिवाच की पीठ थपथपाते हुए कहा कि विद्यार्थियों को निशुल्क सुंदर लिखाई का प्रशिक्षण देकर ओमप्रकाश सिवाच वास्तव में सामाजिक कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महज तीन घंटे की कार्यशाला में ही विद्यार्थियों की लिखाई में काफी परिवर्तन हो जाता है। उन्होंने कहा कि यदि 300 बच्चों का एक जैसी सुंदर लिखाई लिखने का गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड बनता है तो यह वास्तव में एक बड़ी उपलब्धि होगी।