जींद। डीसी डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी में जिला में बनाए जा रहे अमृत सरोवरों पर 15 अगस्त को ध्वजा रोहण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए संबंधित अधिकारी गांव के प्रबुद्ध लोगों, स्वयंसेवी संगठनों, जनप्रतिनिधि और अन्य सकारात्मक सोच रखने वाले लोगों से मिलकर इस कार्य को करने के लिए योजना तैयार करें। डीसी ने यह निर्देश जल शक्ति अभियान को लेकर लघु सचिवालय के सभागार में एक बैठक के दौरान दिए।
बैठक केंद्रीय खाद्य, सार्वजनिक वितरण विभाग, चीनी और वनस्पती तेल मंत्रालय के निदेशक एवं जल शक्ति अभियान के केंद्रीय नोडल अधिकारी संगीत सिंघाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस मौके पर उनके साथ जल शक्ति मंत्रालय छत्तीसगढ़ से तकनीकी वैज्ञानिक सुश्री बिजिमोल जोस, जिला परिषद के सीईओ दलबीर सिंह, नगरायुक्त सुरेंद्र कुमार, डीएफओ रोहताश बिरथल, डिप्टी सीईओ रेणुका नांदल, सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता राजेश बिश्नोई, पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता प्रेम सिंह राणा, राजीव राठी, मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी राकेश कुमार और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
नोडल अधिकारी संगीत सिंघाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैच द रेन जल शक्ति अभियान की शुरुआत की है। हम सभी को इस अभियान में अपना पूरा सहयोग देना होगा एवं पानी की हर एक बूंद का संचय करना होगा। पानी एक अनमोल प्राकृतिक संपदा है और इसी भावना से इसका उपयोग करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने जिला वासियों से अपील की कि वह अपने परिवार जनों, मित्रों और आस-पड़ोस के लोगों को भी जल के विवेकपूर्ण उपयोग और उसे व्यर्थ न बहाने के लिए प्रेरित करें। जल शक्ति अभियान को एक जन आंदोलन का रूप देने की जरूरत है। यह जीवन के अस्तित्व से जुड़ा हुआ मामला है। इसमें सरकार के साथ जनता की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य पानी की बचत और संग्रह करना है। उन्होंने कहा कि बारिश के पानी का भी संग्रह करना है ताकि अत्याधिक गर्मी के मौसम में उसका प्रयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि जल शक्ति अभियान के तहत दिए गए लक्ष्यों के अनुरूप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, सोखता गड्डा आदि स्थापित करवाएं।
बराह कलां में अमृत सरोवर का किया निरीक्षण
केंद्रीय नोडल अधिकारी ने अधिकारियों और टीम के सदस्यों के साथ गांव बराह कलां में जल शक्ति अभियान के तहत बनाए गए अमृत सरोवर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तालाब के चारो तरफ लाइट की व्यवस्था करने के साथ-साथ यहां पर अधिक से अधिक पौधारोपण करवाने का कार्य करें, ताकि मिट्टी का कटाव न हो और पेड़ पौधों से वातावरण भी शुद्ध बना रहे। इसके अलावा आमजन यहां पर सुबह सायं सैर भी कर सकें। इसके अलावा रधाना के राजकीय उच्च विद्यालय में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में अर्जुन के 150 लगवाए। टीम ने जींद खंड विकास एवं पंचायत विभाग के पं्रागण में तथा रोहतक रोड यूनिवर्सिटी के सामने विभाग द्वारा बनाए गए रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम को देखा और इस तकनीकी बारे विस्तार से जानकारी ली। इस पर अधिकारियों ने टीम को अवगत करवाया कि जिला में लगभग एक हजार सरकारी व गैरसरकारी संस्थानों पर इस तरह के हार्वेस्टिंग सिस्टम बनवाए गए है ताकि रेन वाटर को अधिक से अधिक संचय किया जा सके।