फोटो 8एसएफडीएम4शहर के ऐतिहासिक महाभारतकालीन नागक्षेत्र सरोवर के पानी में तैरती हुई मरी हुई मछल
सफीदों। शहर के ऐतिहासिक नागक्षेत्र सरोवर में फिर से मछलियां मरने लगीं। मरी हुई मछलियां सरोवर के घाट पर जमा हो गईं। बुधवार को यहां आए श्रद्धालुओं में हड़कंप मच गया। यह घटना पहले भी हो चुकी है जब मछलियों को बचाने का प्रयास किया गया था।
पिछली बार माना गया था कि किसी शरारती तत्व ने सरोवर में जहरीला पदार्थ डाला है या नहर का पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं आ रहा है। इस बार भी ऐसी ही आशंका जताई जा रही है। नगरीय श्रद्धालुओं में इस घटना को लेकर काफी रोष है।
श्रद्धालु ने मछलियों को आटा डालते समय देखा कि बड़ी संख्या में मछलियां मरी हुई थीं। कई मछलियां तड़प रही थीं। लोगों का मानना है कि सरोवर में कुछ मिलाया गया है। इसके अलावा, नहर से नागक्षेत्र में पानी पहुंचाने वाला नाला पिछले करीब दो साल से बंद पड़ा है। इस कारण सरोवर में पानी की कमी है और पानी दूषित हो चुका है।
पुजारी यतींद्र कौशिक ने प्रशासन से मांग की है कि नहर से नागक्षेत्र में तत्काल शुद्ध पानी शुरू कराया जाए। इससे भविष्य में मछलियों की मौत को रोका जा सकेगा। मत्स्य विभाग ने पहले पानी के नमूने लिए थे। पालिका ने भी सरोवर में सफेदी डलवाई थी।