जींद। जिले में मूल्यांकन कार्य को सुचारू बनाने के लिए सभी फील्ड इन्वेस्टिगेटर (एफआई) को चार और पांच मई को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने बताया कि यह प्रशिक्षण जिला समन्वयक कार्यालय में आयोजित होगा जहां पीपीटी के माध्यम से संपूर्ण प्रक्रिया समझाई जाएगी।
राजेश वशिष्ठ ने बताया कि वर्ष 2022 में आयोजित पिछला मूल्यांकन लिखित रूप में हुआ था लेकिन इस बार विभाग ने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया है। सभी एफआई को प्रशिक्षण के दौरान टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे और उन पर अभ्यास करवाया जाएगा।
टैब के माध्यम से डेटा संग्रहण अधिक पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध होगा। यह पूरा अध्ययन एनसीईआरटी नई दिल्ली की निदेशक डॉ. इंद्राणी भादुड़ी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है जबकि एससीईआरटी गुरुग्राम से डॉ. मनोज शर्मा हरियाणा राज्य के इंचार्ज के रूप में फीडबैक ले रहे हैं।
यह मूल्यांकन हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों के स्कूलों में आयोजित होगा। इसके लिए कुछ स्कूलों का चयन हिंदी और कुछ का अंग्रेजी माध्यम के लिए किया गया है। राजेश वशिष्ठ ने कहा कि इसमें सरकारी और निजी, दोनों श्रेणियों के स्कूल शामिल हैं।
मूल्यांकन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तरीय ऑब्जर्वेशन अधिकारियों के साथ-साथ एससीईआरटी, एनसीईआरटी और शिक्षा निदेशालय की टीमें भी केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगी।
डाइट प्रशासन ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि चयनित स्कूलों में छह से आठ मई तक विद्यार्थियों की 100प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। एफएलएस का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर बच्चों की पढ़ने, लिखने और गणना करने की बुनियादी क्षमता का आकलन करना है।
इन्हीं आंकड़ों के आधार पर भविष्य की शिक्षा नीतियों में सुधार किया जाएगा। वशिष्ठ ने सभी एफआई को अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाने का आह्वान किया है ताकि हरियाणा राज्य राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता में अग्रणी भूमिका निभा सके।