जींद। हरियाणा स्कूल लेक्चरार एसोसिएशन के पूर्व जिला प्रधान एवं सेवानिवृत्त प्राचार्य राजबीर रेढू की अध्यक्षता में सेवानिवृत्त प्राचार्य, लेक्चरार और मास्टर्स की बैठक जूम एप के माध्यम से आयोजित हुई। बैठक में डीईओ कार्यालय पर नियमों की गलत व्याख्या और पिक एंड चूज की नीति अपनाकर प्रशासनिक भेदभाव करने के आरोप लगाए गए।
राजबीर रेढू ने बताया कि 1997 में नियुक्त हुए अनेक शिक्षकों को 17 अप्रैल 1998 को नियमित वेतनमान दिया गया था। सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी की गणना तो नियुक्ति तिथि से की गई है लेकिन अर्जित अवकाश नकदीकरण का लाभ नियमितीकरण तिथि एक अक्तूबर 2003 से दिया जा रहा है जबकि इसे नियमित वेतनमान तिथि 1998 से दिया जाना चाहिए।
उन्होंने प्रमाणों के साथ दावा किया कि वर्ष 2021 से 2025 के बीच डीईओ कार्यालय ने दर्जनों शिक्षकों को 1998 से यह लाभ दिया है, जबकि अन्य को इससे वंचित रखा जा रहा है। एक ही विभाग में दो तरह के नियम नहीं चल सकते। समान सेवा शर्तों के बावजूद अनुभाग अधिकारी और डीईओ कार्यालय मनमानी कर रहे हैं।
इस संबंध में डीसी और जिला शिक्षा अधिकारी को रजिस्टर्ड पोस्ट के जरिए शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो मामला सीएम विंडो पर भेजा जाएगा और दर्जनों शिक्षक न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।